बोरॉन ट्राइफ्लोराइड
बोरॉन ट्राइफ्लोराइड (Boron trifluoride) एक अकार्बनिक रासायनिक यौगिक है। यह बोरॉन और फ्लोरीन परमाणुओं के संयोजन से बना एक गैसीय यौगिक है। यह एक रंगहीन और अत्यधिक विषैली गैस है[1]। इसका रासायनिक सूत्र BF3 है। नम हवा के संपर्क में आने पर यह यौगिक सफेद धुआं (fumes) उत्पन्न करता है। यह एक अत्यंत उपयोगी लुईस अम्ल (Lewis acid) है। अन्य बोरॉन यौगिकों के उत्पादन और कार्बनिक संश्लेषण में बोरॉन ट्राइफ्लोराइड की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
खोज
इसकी खोज 1808 में फ्रांसीसी रसायनज्ञ जोसेफ लुई गे-लुसाक (Joseph Louis Gay-Lussac) और लुई जैक्स थेनार्ड (Louis Jacques Thénard) ने की थी। जब वे उच्च तापमान पर कैल्शियम फ्लोराइड का उपयोग करके हाइड्रोफ्लोरिक अम्ल का उत्पादन करने का प्रयास कर रहे थे, तब उपोत्पाद के रूप में बोरॉन ट्राइफ्लोराइड का निर्माण हुआ था।
अणु संरचना
बोरॉन ट्राइफ्लोराइड (BF3) अणु की ज्यामितीय संरचना त्रिकोणीय समतलीय (trigonal planar) होती है। इसके सभी परमाणु एक ही तल (plane) पर स्थित होते हैं।
संश्लेषण (Synthesis)
हाइड्रोफ्लोरिक अम्ल (HF) के साथ बोरॉन ऑक्साइड की रासायनिक प्रतिक्रिया द्वारा बोरॉन ट्राइफ्लोराइड का निर्माण होता है:
औद्योगिक स्तर पर, प्रति वर्ष लगभग 2300-4500 टन बोरॉन ट्राइफ्लोराइड का उत्पादन किया जाता है। सल्फ्यूरिक अम्ल और फ्लोराइट (CaF2) की प्रतिक्रिया से भी इसे उत्पादित किया जाता है।
प्रयोगशालाओं में, डायज़ोनियम (diazonium) लवणों के उष्मीय अपघटन (thermal decomposition) द्वारा बोरॉन ट्राइफ्लोराइड का संश्लेषण किया जा सकता है:
वैकल्पिक रूप से, इसे सोडियम टेट्राफ्लोरोबोरेट, बोरॉन ट्राइऑक्साइड और सल्फ्यूरिक अम्ल की प्रतिक्रिया से भी बनाया जाता है:
- 6 NaBF4 + B2O3 + 6 H2SO4 → 8 BF3 + 6 NaHSO4 + 3 H2O
भौतिक गुण
निर्जल (Anhydrous) बोरॉन ट्राइफ्लोराइड का क्वथनांक −100.3 °C और क्रांतिक तापमान (Critical temperature) −12.3 °C है। इसलिए इसे इन दोनों तापमानों के बीच प्रशीतित (refrigerated) तरल अवस्था में संग्रहीत किया जाना चाहिए। परिवहन के दौरान इसके उच्च दबाव (लगभग 49.85 बार या 4.985 MPa) को सहने के लिए विशेष कंटेनरों की आवश्यकता होती है। बोरॉन फ्लोराइड अत्यधिक संक्षारक (corrosive) प्रकृति का होता है।
नमी की उपस्थिति में यह स्टील और स्टेनलेस स्टील जैसी धातुओं को संक्षारित कर सकता है। यह पॉलियामाइड, पॉलीटेट्राफ्लुओरोएथिलीन (PTFE) और पॉलीविनाइलिडीन फ्लोराइड (PVDF) के साथ भी प्रतिक्रिया करता है।
आणविक भार
बोरॉन ट्राइफ्लोराइड का आणविक भार 67.81 ग्राम/मोल है।[2]
गलनांक (Melting Point)
बोरॉन ट्राइफ्लोराइड का गलनांक -196.1 °F (−127 °C) है।[1]
क्वथनांक (Boiling Point)
बोरॉन ट्राइफ्लोराइड का क्वथनांक -148 °F (−100.3 °C) है।[1]
घनत्व
बोरॉन ट्राइफ्लोराइड का गैसीय अवस्था में घनत्व 3.07666 ग्राम/लीटर (मानक दबाव और तापमान पर) होता है। तरल अवस्था में इसका घनत्व 1.57 ग्राम/सेमी3 (-100.4 °C पर) होता है।[1]
रासायनिक अभिक्रियाएँ
एल्युमिनियम और गैलियम के ट्राइहैलाइड्स के विपरीत, बोरॉन ट्राइहैलाइड्स मोनोमेरिक (monomeric) होते हैं। ये बहुत तेज़ी से हैलाइड विनिमय प्रतिक्रियाओं (halide exchange reactions) से गुजरते हैं:
- BF3 + BCl3 → BF2Cl + BCl2F
इस तीव्र विनिमय प्रतिक्रिया के कारण, इन मिश्रित हैलाइड्स को शुद्ध रूप में अलग करना बहुत मुश्किल होता है।
बोरॉन ट्राइफ्लोराइड एक विशिष्ट लुईस अम्ल (Lewis acid) है। यह लुईस क्षारों (Lewis bases) के साथ प्रतिक्रिया करके जटिल यौगिक (adducts) बनाता है:
- CsF + BF3 → CsBF4
- O(C2H5)2 + BF3 → BF3O(C2H5)2
जल-अपघटन (Hydrolysis)
बोरॉन ट्राइफ्लोराइड पानी के साथ प्रतिक्रिया (जल-अपघटन) करके बोरिक अम्ल और फ्लोरोबोरिक अम्ल बनाता है। इस प्रक्रिया में पहले एक एक्वो एडक्ट (aquo adduct) H2O-BF3 बनता है, जो HF खोकर फ्लोरोबोरिक अम्ल में बदल जाता है।
- 4 BF3 + 3 H2O → 3 HBF4 + B(OH)3
- (एडक्ट का अर्थ है दो यौगिकों के बीच अतिरिक्त संयोजन प्रतिक्रिया द्वारा निर्मित रासायनिक पदार्थ)।*
उपयोग
कार्बनिक रसायन विज्ञान में उपयोग
कार्बनिक संश्लेषण (Organic synthesis) में बोरॉन ट्राइफ्लोराइड का सबसे अधिक उपयोग एक अभिकर्मक और उत्प्रेरक के रूप में किया जाता है, मुख्य रूप से एक मजबूत लुईस अम्ल के रूप में। यह इलेक्ट्रॉन युग्म स्वीकार करने की अपनी क्षमता के कारण कई रासायनिक प्रतिक्रियाओं को गति प्रदान करता है।
इन्हें भी देखें
- बोरॉन सबऑक्साइड (Boron suboxide)
- बोरॉन ट्राइक्लोराइड (Boron trichloride)
- बोरॉन ट्राइऑक्साइड (Boron trioxide)
संदर्भ
श्रेणी:रसायन विज्ञान श्रेणी:रासायनिक यौगिक श्रेणी:अकार्बनिक यौगिक श्रेणी:बोरॉन यौगिक श्रेणी:SciWiki Chemistry
