जैविक विविधता का ह्रास

From LTRC

March 2026

vanc

[1] जैविक विविधता का ह्रास (Biodiversity loss) तब होता है जब प्रजातियां (species) पृथ्वी से पूरी तरह से गायब हो जाती हैं (विलुप्त) या जब किसी विशिष्ट क्षेत्र में प्रजातियों में कमी आती है या वे गायब हो जाती हैं। जैव विविधता के ह्रास का अर्थ है कि किसी दिए गए क्षेत्र में जैविक विविधता में कमी आई है। यह कमी अस्थायी या स्थायी हो सकती है।[2] यदि ह्रास का कारण बनने वाली क्षति समय के साथ प्रतिवर्ती (reversable) है, उदाहरण के लिए पारिस्थितिक पुनर्स्थापना के माध्यम से, तो यह अस्थायी होती है।[2][3] यदि ऐसा संभव नहीं है, तो यह कमी स्थायी होती है। सामान्य तौर पर, अधिकांश जैव विविधता ह्रास का कारण मानवीय गतिविधियां हैं जो ग्रहीय सीमाओं (planetary boundaries) को बहुत आगे तक धकेल देती हैं।[1][4][5] इन गतिविधियों में आवास विनाश[6] (उदाहरण के लिए वनों की कटाई) और भूमि उपयोग की तीव्रता (उदाहरण के लिए एकल-कृषि खेती) शामिल हैं।[7][8] अन्य समस्याग्रस्त क्षेत्रों में वायु और जल प्रदूषण (पोषक तत्व प्रदूषण सहित), अत्यधिक दोहन, आक्रामक बाहरी प्रजातियां[9] और जलवायु परिवर्तन शामिल हैं।[6]

जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं पर वैश्विक मूल्यांकन रिपोर्ट (Global Assessment Report on Biodiversity and Ecosystem Services) के साथ-साथ कई वैज्ञानिक यह कहते हैं कि जैव विविधता के ह्रास का मुख्य कारण बढ़ती मानव जनसंख्या है क्योंकि इससे मानव अति-जनसंख्या और अति-उपभोग को बढ़ावा मिलता है।[10][11][12][13][14] अन्य लोग इससे असहमत हैं, और उनका कहना है कि आवास का नुकसान मुख्य रूप से "निर्यात के लिए वस्तुओं की वृद्धि" के कारण होता है और समग्र उपभोग से जनसंख्या का बहुत कम लेना-देना है। देशों के बीच और उनके भीतर धन की असमानताएँ अधिक महत्वपूर्ण हैं।[15] किसी भी स्थिति में, समकालीन सभी जैव विविधता ह्रास का श्रेय मानवीय गतिविधियों को दिया गया है।[16]

जलवायु परिवर्तन वैश्विक जैव विविधता के लिए एक और खतरा है।[17][18] उदाहरण के लिए, प्रवाल भित्तियाँ (coral reefs)—जो जैव विविधता हॉटस्पॉट हैं—यदि वर्तमान दर से ग्लोबल वार्मिंग जारी रही तो वर्ष 2100 तक नष्ट हो जाएंगी।[19][20] इसके अतिरिक्त, तापमान में परिवर्तन से जंगल की आग जैसी घटनाओं को बढ़ावा मिलने की संभावना है।[21] फिर भी, सामान्य आवास विनाश (अक्सर कृषि के विस्तार के लिए)[22], न कि जलवायु परिवर्तन, वर्तमान में जैव विविधता के ह्रास का अधिक बड़ा चालक है।[23][24] पिछली कई दशकों में जंगलों में आक्रामक प्रजातियाँ और अन्य व्यवधान अधिक आम हो गए हैं। ये आम तौर पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जलवायु परिवर्तन से जुड़े होते हैं और वन पारिस्थितिकी तंत्र के पतन का कारण बन सकते हैं।[25][26]

पर्यावरण की परवाह करने वाले समूह जैव विविधता में गिरावट को रोकने के लिए कई वर्षों से काम कर रहे हैं। आजकल, कई वैश्विक नीतियों में जैव विविधता के ह्रास को रोकने की गतिविधियाँ शामिल हैं। उदाहरण के लिए, संयुक्त राष्ट्र जैविक विविधता सम्मेलन (UN Convention on Biological Diversity) का उद्देश्य जैव विविधता के ह्रास को रोकना और वन्य क्षेत्रों का संरक्षण करना है। हालाँकि, संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (United Nations Environment Programme) की 2020 की एक रिपोर्ट में पाया गया कि इनमें से अधिकांश प्रयास अपने लक्ष्यों को पूरा करने में विफल रहे हैं।[27] उदाहरण के लिए, 2010 में आइची जैव विविधता लक्ष्य (Aichi Biodiversity Targets) द्वारा निर्धारित 20 जैव विविधता लक्ष्यों में से, 2020 तक केवल छह "आंशिक रूप से प्राप्त" किए गए थे।[28][29]

इस चल रहे वैश्विक विलुप्तीकरण को होलोसीन विलुप्ति (Holocene extinction) या छठी सामूहिक विलुप्ति (sixth mass extinction) भी कहा जाता है।

सभी प्रजातियों में वैश्विक आकलन

আরও দেখুন: Global biodiversity, Biodiversity hotspot

वर्तमान वैश्विक जैव विविधता के नुकसान की दर, (प्राकृतिक रूप से होने वाली) बैकग्राउंड विलोपन दर (background extinction rate) से 100 से 1000 गुना अधिक होने का अनुमान लगाया गया है, जो मानव इतिहास के किसी भी अन्य समय की तुलना में तेज़ है,[30][31][32] और आने वाले वर्षों में इसके और बढ़ने की उम्मीद है।[33][34][35] स्तनधारियों, पक्षियों, सरीसृपों, उभयचरों और मछलियों जैसे विभिन्न पशु समूहों की तेजी से बढ़ती विलोपन प्रवृत्तियों के कारण वैज्ञानिकों ने स्थलीय और महासागरीय दोनों पारिस्थितिक तंत्रों में वर्तमान जैव विविधता संकट की घोषणा की है।[36][37][38]

2006 में, और भी कई प्रजातियों को औपचारिक रूप से दुर्लभ (rare), संकटग्रस्त (endangered) या खतरे में (threatened) के रूप में वर्गीकृत किया गया था; इसके अलावा, वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया है कि लाखों अन्य ऐसी प्रजातियाँ खतरे में हैं जिन्हें औपचारिक रूप से मान्यता नहीं दी गई है।[39] ऐसे साक्ष्य भी मौजूद हैं जो यह दर्शाते हैं कि जिन प्रजातियों को औपचारिक रूप से मान्यता नहीं मिली है, वे विलुप्त होने के अधिक खतरे में हैं।[40]

वनों की कटाई (Deforestation) भी जैव विविधता के नुकसान में एक बड़ी भूमिका निभाती है। दुनिया की आधी से अधिक जैव विविधता उष्णकटिबंधीय वर्षावनों (tropical rainforest) में पाई जाती है।[41] जिन क्षेत्रों में जैव विविधता का तेजी से नुकसान होता है, उन्हें जैव विविधता हॉटस्पॉट (biodiversity hotspots) कहा जाता है।[42] 1988 के बाद से हॉटस्पॉट की संख्या 10 से बढ़कर 34 हो गई। वर्तमान में कुल 34 हॉटस्पॉट मौजूद हैं, जिनमें से 16 उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में हैं (2006 के अनुसार)।[43] शोधकर्ताओं ने 2006 में यह उल्लेख किया था कि दुनिया का केवल 2.3% हिस्सा जैव विविधता नुकसान के हॉटस्पॉट से आच्छादित है, और भले ही दुनिया का एक बहुत छोटा प्रतिशत हॉटस्पॉट के अंतर्गत आता है, लेकिन इसमें संवहनी पादप (vascular plant) प्रजातियों का एक बहुत बड़ा हिस्सा (50%) मौजूद है।[43]

2021 में, IUCN Red List के मानदंडों का उपयोग करके मूल्यांकन की गई 134,400 प्रजातियों में से लगभग 28 प्रतिशत को अब विलुप्त होने के खतरे से ग्रसित के रूप में सूचीबद्ध किया गया है[44]—जो 2006 की 16,119 संकटग्रस्त प्रजातियों की तुलना में कुल 37,400 प्रजातियाँ हैं।[45]

2022 के एक अध्ययन, जिसमें 3,000 से अधिक विशेषज्ञों का सर्वेक्षण किया गया, में पाया गया कि "वैश्विक जैव विविधता का नुकसान और इसके प्रभाव पहले की तुलना में अधिक हो सकते हैं", और अनुमान लगाया गया कि लगभग 30% प्रजातियाँ "वर्ष 1500 के बाद से वैश्विक स्तर पर संकटग्रस्त हो चुकी हैं या विलुप्त हो चुकी हैं।"[46][47]

2023 में प्रकाशित शोध से पता चला कि 70,000 प्रजातियों में से लगभग 48% मानवीय गतिविधियों के कारण घटती आबादी का सामना कर रही हैं, जबकि केवल 3% की आबादी में वृद्धि देखी जा रही है।[48][49][50]

नुकसान को मापने की विधियाँ

আরও দেখুন: Measurement of biodiversity, alpha diversity

जीवविज्ञानी 'जैव विविधता' को "किसी क्षेत्र के जीनों, प्रजातियों और पारिस्थितिकी तंत्रों की समग्रता" के रूप में परिभाषित करते हैं।[51][52] किसी विशेष स्थान के लिए जैव विविधता के नुकसान की दरों को मापने के लिए, वैज्ञानिक उस क्षेत्र में प्रजाति समृद्धि (species richness) और समय के साथ इसके परिवर्तन को दर्ज करते हैं। पारिस्थितिकी (ecology) में, स्थानीय प्रचुरता (local abundance) किसी विशिष्ट पारिस्थितिकी तंत्र में किसी प्रजाति का सापेक्ष प्रतिनिधित्व है।[53] इसे आमतौर पर प्रति नमूने में पाए जाने वाले जीवों की संख्या के रूप में मापा जाता है। किसी पारिस्थितिकी तंत्र में रहने वाली एक या एकाधिक अन्य प्रजातियों की तुलना में किसी एक प्रजाति की प्रचुरता के अनुपात को सापेक्ष प्रजाति प्रचुरता (relative species abundance) कहा जाता है।[53] ये दोनों संकेतक जैव विविधता की गणना करने के लिए प्रासंगिक हैं।

कई अलग-अलग जैव विविधता सूचकांक (biodiversity indices) मौजूद हैं।[54] ये विभिन्न पैमानों और समयावधियों की जांच करते हैं।[55] जैव विविधता के विभिन्न पैमाने और उपश्रेणियाँ (जैसे फाइलोजीनेटिक विविधता, प्रजाति विविधता, आनुवंशिक विविधता, न्यूक्लियोटाइड विविधता) होती हैं।[55]

सीमित क्षेत्रों में 'शुद्ध नुकसान' (net loss) का प्रश्न अक्सर बहस का विषय होता है।[56]

जीवन के प्रकार के अनुसार प्रेक्षण

सामान्य रूप से वन्यजीव

[57][58] মূল নিবন্ধ: Wildlife#Loss and extinction स्विस रे (Swiss Re) द्वारा अक्टूबर 2020 के एक विश्लेषण में पाया गया कि मानवजनित आवास विनाश और वन्यजीवों (wildlife) के बढ़ते नुकसान के परिणामस्वरूप सभी देशों में से पाँचवें हिस्से के देश पारिस्थितिकी तंत्र के पतन (ecosystem collapse) के खतरे में हैं।[59][60] यदि इन नुकसानों को उलट न दिया जाए, तो संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र का पतन हो सकता है।[61]

2022 में, वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड ने दुनिया भर की 4,400 पशु प्रजातियों के लिए, जिनमें लगभग 21,000 निगरानी की गई आबादी शामिल हैं, 1970 और 2016 के बीच औसतन 68% की आबादी में गिरावट की सूचना दी।[62][63][64]

स्थलीय अकशेरुकी (Terrestrial invertebrates)

कीट (Insects)

মূল নিবন্ধ: Decline in insect populations, Insect biodiversity, ,

Decline in insect populations

केंचुए (Earthworms)

वैज्ञानिकों ने कई दीर्घकालिक कृषि परीक्षणों से केंचुओं (earthworms) के नुकसान का अध्ययन किया है। उन्होंने पाया कि माइनस 50–100% (माइनस 83% के औसत के साथ) का सापेक्ष बायोमास नुकसान अन्य जीवों के समूहों के लिए रिपोर्ट किए गए नुकसान से मेल खाता है या उससे अधिक है।[65] इस प्रकार यह स्पष्ट है कि गहन कृषि के लिए उपयोग किए जाने वाले खेतों की मिट्टी में केंचुए इसी प्रकार कम हो रहे हैं।[65] केंचुए पारिस्थितिकी तंत्र के कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं,[65] मिट्टी, पानी में जैविक प्रसंस्करण में मदद करते हैं, और यहाँ तक कि ग्रीनहाउस गैस संतुलन में भी सहायता करते हैं।[66] केंचुए की विविधता में गिरावट के पाँच कारण हैं: "(1) मृदा क्षरण (soil degradation) और आवास का नुकसान, (2) जलवायु परिवर्तन, (3) अत्यधिक पोषक तत्व और संदूषण भार के अन्य रूप, (4) अत्यधिक दोहन और मिट्टी का असहनीय प्रबंधन, और (5) आक्रामक प्रजातियाँ"।[66][67] जुताई की प्रथाएं और गहन भूमि उपयोग जैसे कारक मिट्टी और पौधों की जड़ों को कम करते हैं जिनका उपयोग केंचुए अपना बायोमास बनाने के लिए करते हैं।[68] यह कार्बन और नाइट्रोजन चक्र में हस्तक्षेप करता है।

केंचुए की प्रजातियों की विविधता का ज्ञान काफी सीमित है क्योंकि उनमें से 50% का भी वर्णन नहीं किया गया है।[66] सतत कृषि विधियाँ केंचुए की विविधता में गिरावट को रोकने में मदद कर सकती हैं, उदाहरण के लिए कम जुताई।[66]32 जैविक विविधता अभिसमय सचिवालय (Secretariat of the Convention on Biological Diversity) कार्रवाई करने और केंचुए की कई विविध प्रजातियों की बहाली और रखरखाव को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहा है।[66]

उभयचर (Amphibians)

Decline in amphibian populations

जंगली स्तनधारी (Wild mammals)

Decline in wild mammal populations

पक्षी

মূল নিবন্ধ: Bird conservation#Threats to birds कुछ कीटनाशक (pesticide), जैसे कि कीटनाशक (insecticide), विशिष्ट पक्षी प्रजातियों की आबादी को कम करने में संभवतः भूमिका निभाते हैं।[69] BirdLife International द्वारा वित्त पोषित एक अध्ययन के अनुसार, 51 पक्षी प्रजातियाँ गंभीर रूप से संकटग्रस्त हैं और आठ को विलुप्त या विलुप्त होने के खतरे में वर्गीकृत किया जा सकता है।[70] लगभग 30% विलुप्त होने का कारण विदेशी पालतू जानवरों के व्यापार के लिए शिकार करना और फंसाना है। अस्थिर कटाई और कृषि के कारण होने वाली वन कटाई (Deforestation), अगली विलुप्त होने की चालक हो सकती है, क्योंकि पक्षियों को उनका आवास और उनका भोजन खो जाता है।[71][72]

पौधे

আরও দেখুন: Effects of climate change on plant biodiversity

पेड़

जबकि पौधे मानव अस्तित्व के लिए आवश्यक हैं, उन्हें जानवरों के संरक्षण के समान ध्यान नहीं मिला है।[73] यह अनुमान लगाया गया है कि सभी स्थलीय पौधे प्रजातियों में से एक तिहाई विलुप्त होने के जोखिम में हैं और 94% का अभी तक उनके संरक्षण की स्थिति के संदर्भ में मूल्यांकन किया जाना बाकी है।[73] सबसे निचले पोषण स्तर (trophic level) पर मौजूद पौधों को उच्च पोषण स्तरों पर नकारात्मक प्रभावों को कम करने के लिए बढ़े हुए संरक्षण की आवश्यकता होती है।[74][75]

2022 में, वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी थी कि वृक्ष प्रजातियों का एक तिहाई हिस्सा विलुप्त होने के खतरे में है। यह दुनिया के पारिस्थितिकी तंत्र को महत्वपूर्ण रूप से बदल देगा क्योंकि उनकी पौधों की प्रतिक्रियाएँ, कार्बन, पानी और पोषण चक्र (nutrient cycle) प्रभावित होंगे।[76][77][78] कटाई, आग और जलाऊ लकड़ी की कटाई जैसे सामान्य कारकों के कारण वन क्षेत्रों का क्षरण होता है।[79] विशेष रूप से जंगल की आग और उसके बढ़ने से, यह बायोमास की रिकवरी को प्रभावित करेगा और प्रजातियों की संरचना को भी प्रभावित करेगा।[80] ग्लोबल ट्री असेसमेंट (GTA) ने निर्धारित किया है कि "17,510 (29.9%) वृक्ष प्रजातियों को विलुप्त होने का खतरा माना जाता है। इसके अलावा, 142 वृक्ष प्रजातियाँ ऐसी हैं जिन्हें विलुप्त (Extinct) या प्रकृति में विलुप्त (Extinct in the Wild) के रूप में दर्ज किया गया है।"[77]

संभावित समाधान वन प्रबंधन (forest management) की कुछ वानिकी पद्धतियों में पाए जा सकते हैं जो वृक्षों की जैव विविधता को बढ़ावा देती हैं, जैसे कि चयनात्मक कटाई, छंटाई (thinning) या फसल वृक्ष प्रबंधन, और स्पष्ट कटाई एवं कॉप्सिंग (coppicing)।[81] समाधान के बिना, माध्यमिक वन (secondary forest) की प्रजातियों की समृद्धि (species richness) की रिकवरी में प्राथमिक वन जितनी मात्रा को पुनः प्राप्त करने में 50 साल लग सकते हैं, या प्रजातियों की समृद्धि का 80% रिकवर करने में 20 साल लग सकते हैं।[82]

फूल वाले पौधे

Flowering plants#Conservation

मीठे पानी की प्रजातियाँ

মূল নিবন্ধ: Freshwater ecosystem#Threats

दलदल, डेल्टा और नदियों जैसे मीठे पानी के पारिस्थितिकी तंत्र (Freshwater ecosystem) पृथ्वी की सतह का 1% हिस्सा बनाते हैं। वे महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वे लगभग एक तिहाई कशेरुकी (vertebrate) प्रजातियों का घर हैं।[83] मीठे पानी की प्रजातियों में भूमि या महासागर में रहने वाली प्रजातियों की दर से दोगुनी तेजी से गिरावट आ रही है। इस तीव्र गिरावट ने मीठे पानी पर निर्भर 29,500 प्रजातियों में से 27% को पहले ही IUCN रेड लिस्ट पर ला दिया है।[83]

जल प्रदूषण (water pollution) और अति मत्स्यन (overfishing) के कारण मीठे पानी की मछलियों की वैश्विक आबादी ढह रही है।[84] 1970 के बाद से प्रवासी मछली की आबादी में 76% की गिरावट आई है, और बड़ी "मेगाफिश" आबादी 94% तक गिर गई है और 2020 में 16 प्रजातियों को विलुप्त घोषित कर दिया गया है।[85]

समुद्री प्रजातियाँ

মূল নিবন্ধ: Human impact on marine life, Marine life#Biodiversity and extinction events

समुद्री जैव विविधता में महासागर या मुहानों में रहने वाला कोई भी जीवित जीव शामिल है।[86] 2018 तक, लगभग 240,000 समुद्री प्रजातियों का दस्तावेजीकरण किया जा चुका था।[87] लेकिन कई समुद्री प्रजातियाँ—जिनका अनुमान 178,000 से 1 करोड़ महासागरीय प्रजातियों के बीच है—का वर्णन किया जाना बाकी है।[86] इसलिए यह संभावना है कि कई दुर्लभ प्रजातियाँ (जो जंगल में दशकों से नहीं देखी गई हैं) पहले ही गायब हो चुकी हैं या बिना ध्यान दिए विलुप्त होने की कगार पर हैं।[88]

मानवीय गतिविधियों का समुद्री जैव विविधता पर मजबूत और हानिकारक प्रभाव पड़ता है। समुद्री प्रजातियों के विलुप्त होने के मुख्य चालक आवास की हानि, प्रदूषण, आक्रामक प्रजातियाँ (invasive species) और अतिशोषण (overexploitation) हैं।[89][90] तटीय क्षेत्रों के पास के समुद्री पारिस्थितिकी प्रणालियों पर अधिक दबाव डाला जाता है क्योंकि उन क्षेत्रों में मानव बस्तियाँ हैं।[91][92]

अतिशोषण के परिणामस्वरूप 25 से अधिक समुद्री प्रजातियाँ विलुप्त हो चुकी हैं। इसमें समुद्री पक्षी (seabird), समुद्री स्तनधारी (marine mammal), शैवाल (algae) और मछली (fish) शामिल हैं।[86][93] विलुप्त समुद्री प्रजातियों के उदाहरणों में स्टेलर की समुद्री गाय (Hydrodamalis gigas) और कैरेबियाई भिक्षु सील (Monachus tropicalis) शामिल हैं। सभी विलुप्तियाँ इंसानों के कारण नहीं होती हैं। उदाहरण के लिए, 1930 के दशक में, इलग्रास लिम्पेट (Lottia alveus) अटलांटिक में तब विलुप्त हो गया जब एक बीमारी के संपर्क में आने के बाद Zostera marina समुद्री घास (seagrass) की आबादी में गिरावट आई।[94] Lottia alveus अत्यधिक प्रभावित हुए क्योंकि Zostera marina उनके एकमात्र आवास थे।[86]

कारण

वर्तमान जैव विविधता के नुकसान के मुख्य कारण हैं:

  1. आवास की हानि (Habitat loss), विखंडन और आवास का क्षरण (habitat degradation);[6] उदाहरण के लिए व्यावसायिक और कृषि उपयोगों के लिए आवास का विखंडन (habitat fragmentation) (विशेष रूप से एकसस्य कृषि (monoculture) खेती)[7]
  2. भूमि उपयोग तीव्रता (और परिणामी भूमि की हानि/आवास की हानि); प्रत्यक्ष प्रभावों के साथ-साथ जैव विविधता के नुकसान के कारण पारिस्थितिक सेवाओं के नुकसान में एक महत्वपूर्ण कारक[8]
  3. पोषण प्रदूषण (Nutrient pollution) और प्रदूषण के अन्य रूप (वायु और जल प्रदूषण)
  4. अतिशोषण (Over-exploitation) और अस्थिर उपयोग (उदाहरण के लिए अस्थिर मछली पकड़ने के तरीके (unsustainable fishing methods), अति मत्स्यन (overfishing), अति उपभोग (Overconsumption) और मानव अतिसंख्‍या (human overpopulation))
  5. आक्रामक प्रजातियाँ (Invasive alien species) जो प्रभावी रूप से एक विधा (niche) के लिए प्रतिस्पर्धा करती हैं, स्वदेशी प्रजातियों (indigenous species) की जगह लेती हैं[9]
  6. जलवायु परिवर्तन (जैसे जलवायु परिवर्तन से विलुप्त होने का जोखिम, पादप जैव विविधता पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव)[6]

जेरेड डायमंड आवास विनाश (habitat destruction), अतिसंहार (Overhunting), परिचायक प्रजातियों (introduced species) और माध्यमिक विलुप्त होने (secondary extinction) के "दुष्ट चतुष्क" (Evil Quartet) का वर्णन करते हैं।[95] एडवर्ड ओ. विल्सन ने जैव विविधता के नुकसान के मुख्य कारणों के लिए संक्षिप्त नाम (acronym) HIPPO का सुझाव दिया: Habitat destruction (आवास विनाश), Invasive species (आक्रामक प्रजातियाँ), Pollution (प्रदूषण), human over-Population (मानव अतिसंख्‍या) और Over-harvesting (अति-कटाई)।[96][97]

आवास विनाश

Habitat destructionउदाहरण के लिए, कीट आबादी में गिरावट में आवास की हानि भी कारणों में से एक है (नीचे कीटों पर अनुभाग देखें)।

शहरी विकास और आवास विखंडन

আরও দেখুন: Habitat fragmentation

आवास की हानि पर शहरी विकास के प्रत्यक्ष प्रभाव अच्छी तरह से समझे जाते हैं: भवन निर्माण के परिणामस्वरूप अक्सर आवास का विनाश और विखंडन होता है।[98] इससे उन प्रजातियों का चयन होता है जो शहरी वातावरण के अनुकूल होती हैं।[99] छोटे आवास के टुकड़े आनुवंशिक या वर्गीकरण संबंधी विविधता के उस स्तर का समर्थन नहीं कर सकते हैं जो वे पहले कर सकते थे जबकि कुछ अधिक संवेदनशील प्रजातियाँ स्थानीय रूप से विलुप्त हो सकती हैं।[100] आवास के कम विखंडित क्षेत्र के कारण प्रजाति प्रचुरता (Species abundance) आबादी कम हो जाती है। यह प्रजातियों के अलगाव में वृद्धि का कारण बनता है और प्रजातियों को किनारे के आवासों (edge habitats) की ओर धकेलता है और कहीं और भोजन खोजने के लिए अनुकूल होने के लिए मजबूर करता है।[98] इसके अलावा, किनारे के प्रभाव (edge effects) के परिणामस्वरूप अक्सर प्रकाश, तापमान और आर्द्रता की स्थिति बदल जाती है जो वनस्पति संरचना और सूक्ष्म-आवास उपयुक्तता को बदल देती है, जिससे विखंडित शहरी टुकड़ों में जैव विविधता और कम हो जाती है।[101] शहरी वातावरण तेजी से पुनरुत्पादित होने वाली, गतिशील प्रजातियों का भी पक्ष लेते हैं, जो जैविक समरूपीकरण (biotic homogenization) और पारिस्थितिक विशिष्टता के वैश्विक पतन में योगदान देता है।[102]

प्रमुख जैव विविधता क्षेत्रों (KBA) में बुनियादी ढांचे का विकास जैव विविधता के नुकसान का एक प्रमुख कारक है, और लगभग 80% KBA में बुनियादी ढांचा मौजूद है।[103] बुनियादी ढांचे के विकास से प्राकृतिक आवास का रूपांतरण और विखंडन, प्रदूषण और व्यवधान पैदा होता है। वाहनों और संरचनाओं के साथ टकराव के कारण जानवरों को सीधा नुकसान भी हो सकता है। इसका प्रभाव बुनियादी ढांचा स्थल से आगे तक हो सकता है।[103] उदाहरण के लिए, सड़कों से होने वाला लगातार शोर संभोग और क्षेत्रीय रक्षा में उपयोग किए जाने वाले पक्षियों के गानों में बाधा डाल सकता है, जिससे प्रजनन सफलता कम हो जाती है।[104] कृत्रिम प्रकाश चमगादड़, उभयचर (एम्फीबियंस) और समुद्री कछुए जैसी प्रजातियों में निशाचर चराई (फोरजिंग) के तरीकों, शिकारी-शिकार (प्रिडेटर-प्रे) अंतःक्रियाओं और प्रवासी नेविगेशन को बाधित कर सकता है।[105] बुनियादी ढांचा पारिस्थितिक जाल (इकोलॉजिकल ट्रैप) भी बना सकता है, जहाँ जानवरों को ऐसे परिवर्तित वातावरण की ओर आकर्षित किया जाता है जो अंततः उनकी फिटनेस या उत्तरजीविता को कम कर देता है। इसके अलावा, सड़कों पर होने वाली मौतों और इमारतों तथा बिजली लाइनों के साथ पक्षियों के टकराव से वन्यजीवों को सीधा नुकसान पहुंचता है, जिसका प्रभाव विभिन्न पोषण स्तरों (ट्रॉफिक लेवल्स) पर पड़ता है। ये प्रभाव अक्सर विकास पदचिह्न (डेवलपमेंट फुटप्रिंट) से काफी आगे तक फैल जाते हैं और प्रवास तथा जलवायु अनुकूलन के लिए महत्वपूर्ण परिदृश्य कनेक्टिविटी को बाधित कर सकते हैं। विखंडित परिदृश्य जलवायु परिवर्तन के जवाब में प्रजातियों के आवासन क्षेत्र (रेंज) के बदलाव में भी बाधा डालते हैं, जिससे आबादी के लिए अनुकूल पर्यावरणीय स्थितियों का पता लगाना कठिन हो जाता है और विलुप्त होने का जोखिम बढ़ जाता है।[106]

भूमि उपयोग सघनता

আরও দেখুন: Land use, land-use change, and forestry, Nature conservation

मानव विभिन्न तरीकों से भूमि के उपयोग को बदल रहा है, और प्रत्येक तरीका आवास विनाश और जैव विविधता के नुकसान का कारण बन सकता है। 2019 की जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं पर वैश्विक आकलन रिपोर्ट (Global Assessment Report on Biodiversity and Ecosystem Services) में पाया गया कि औद्योगिक कृषि जैव विविधता पतन का प्राथमिक चालक है।[107][10] संयुक्त राष्ट्र की ग्लोबल बायोडायवर्सिटी आउटलुक 2014 के अनुमान के अनुसार, अनुमानित स्थलीय जैव विविधता का 70% नुकसान कृषि उपयोग के कारण होता है।March 2021मरुस्थलीकरण से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन द्वारा जारी 2022 की ग्लोबल लैंड आउटलुक रिपोर्ट के हालिया निष्कर्षों से भी इस बात की पुष्टि होती है, जिसमें कहा गया है कि 50% से अधिक कृषि भूमि मध्यम या गंभीर रूप से निम्नीकृत (डिग्रेडेड) है।[108] 2005 के एक प्रकाशन के अनुसार, "कृषि प्रणालियाँ [...] पृथ्वी की सतह का 24% हिस्सा कवर करती हैं"।[109]51 प्रकाशन में 'कृषि क्षेत्रों' को ऐसे क्षेत्रों के रूप में परिभाषित किया गया है "जिनमें किसी विशेष वर्ष में कम से कम 30% परिदृश्य फसल भूमि, स्थानांतरित खेती (shifting cultivation), सीमित पशुधन उत्पादन, या मीठे पानी के जलीय कृषि (एक्वाकल्चर) के अंतर्गत आता है"।[109]512023 तक, पृथ्वी की स्थलीय सतह का लगभग 38% हिस्सा चरागाह और फसल उत्पादन सहित कृषि के लिए उपयोग किया जाता है, जो इसे विश्व स्तर पर प्रमुख भूमि उपयोग बनाता है।[110]

भविष्य की खाद्य आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कृषि का विस्तार जारी रहने के कारण 2050 तक 17,000 से अधिक प्रजातियों पर आवास खोने का खतरा है (2020 तक)।[111] मुख्य रूप से पादप-आधारित आहार (प्लांट-आधारित डाइट) की ओर वैश्विक बदलाव से पारिस्थितिक तंत्र और जैव विविधता की बहाली के लिए भूमि खाली हो जाएगी।[112] 2010 के दशक में वैश्विक कृषि भूमि का 80% से अधिक हिस्सा जानवरों के पालन-पोषण के लिए उपयोग किया जाता था।[112] FAO के हालिया आंकड़े बताते हैं कि पशुधन प्रणालियाँ कृषि भूमि का लगभग 77% हिस्सा घेरती हैं जबकि वैश्विक कैलोरी आपूर्ति का 20% से भी कम प्रदान करती हैं — जो भूमि उपयोग और पोषण संबंधी उत्पादन के बीच असंतुलन को उजागर करता है।[113]

2022 तक, पृथ्वी के 44% भू-क्षेत्र को संरक्षण ध्यान देने की आवश्यकता थी, जिसमें संरक्षित क्षेत्र (प्रोटेक्टेड एरिया) घोषित करना और भूमि-उपयोग नीतियों का पालन करना शामिल हो सकता है।[114] इसके अतिरिक्त, साइंस एडवांसेज में 2023 के एक विश्लेषण ने निष्कर्ष निकाला कि वैश्विक जैव विविधता लक्ष्यों को पूरा करने के लिए 2030 तक कम से कम 30% भूमि को सक्रिय रूप से संरक्षित और पारिस्थितिक रूप से पुनर्स्थापित किया जाना चाहिए, जो COP15 में सहमति हुए कुनमिंग-मॉन्ट्रियल ग्लोबल बायोडायवर्सिटी फ्रेमवर्क के अनुरूप है।[115]

पोषक तत्व प्रदूषण और प्रदूषण के अन्य रूप

আরও দেখুন: Nutrient pollution

वायु प्रदूषण

वायु प्रदूषण जैव विविधता को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करता है।[116][117] उदाहरण के लिए, जीवाश्म ईंधन और बायोमास के जलने से प्रदूषक वायुमंडल में उत्सर्जित होते हैं। औद्योगिक और कृषि गतिविधियाँ सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसे प्रदूषक छोड़ती हैं।[118] एक बार जब सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड वायुमंडल में प्रवेश करते हैं, तो वे बादलों की बूंदों (क्लाउड कंडेंसेशन न्यूक्लिई), वर्षा की बूंदों या बर्फ के टुकड़ों के साथ प्रतिक्रिया कर सकते हैं, जिससे सल्फ्यूरिक एसिड और नाइट्रिक एसिड बनता है। पानी की बूंदों और सल्फ्यूरिक तथा नाइट्रिक एसिड के बीच परस्पर क्रिया से, गीला जमाव (वेट डिपोजिशन) होता है और अम्लीय वर्षा (एसिड रेन) पैदा होती है।[119][120]

2009 की एक समीक्षा में चार वायु प्रदूषकों (सल्फर, नाइट्रोजन, ओजोन और पारा) और कई प्रकार के पारिस्थितिक तंत्रों का अध्ययन किया गया।[121] वायु प्रदूषण स्थलीय के साथ-साथ जलीय पारिस्थितिक तंत्र के कामकाज और जैव विविधता को प्रभावित करता है।[121][122] उदाहरण के लिए, "वायु प्रदूषण झीलों के अम्लीकरण, मुहाना (एश्चुअरी) और तटीय जल के सुपोषण (यूट्रोफिकेशन), और जलीय खाद्य जालों में पारे के जैव-संचयन (बायोएकुमुलेशन) का कारण बनता है या उसमें योगदान देता है।"[121]

ध्वनि प्रदूषण

আরও দেখুন: Noise pollution#Impacts

यातायात, जहाजों, वाहनों और विमानों द्वारा उत्पन्न शोर वन्यजीव प्रजातियों की उत्तरजीविता को प्रभावित कर सकता है और अशांत आवासों तक पहुँच सकता है।[123] ध्वनि प्रदूषण समुद्री पारिस्थितिक तंत्र में आम है, जो कम से कम 55 समुद्री जातियों को प्रभावित करता है।[124] एक अध्ययन में पाया गया कि जैसे-जैसे समुद्री पारिस्थितिक तंत्र में भूकंपीय शोर (सिस्मिक नॉइज) और नौसेना के सोनार बढ़ते हैं, सीटेशियन विविधता (व्हेल और डॉल्फ़िन सहित) कम हो जाती है।[125] कई अध्ययनों से यह बात सामने आई है कि भूकंपीय शोर वाले क्षेत्रों में कम मछलियाँ, जैसे कि कॉड, हैडॉक, रॉकफिश, हेरिंग, सैंड सील और ब्लू व्हिटिंग देखी गई हैं, और इनकी पकड़ की दर (कैच रेट) में 40–80% की गिरावट आई है।[124][126][127][128]

ध्वनि प्रदूषण ने पक्षी समुदायों और विविधता को भी बदल दिया है। शोर प्रजनन सफलता को कम कर सकता है, घोंसला बनाने के क्षेत्रों को कम कर सकता है, तनाव प्रतिक्रिया को बढ़ा सकता है, और प्रजातियों की प्रचुरता को कम कर सकता है।[129][124] ध्वनि प्रदूषण शिकार प्रजातियों के वितरण और प्रचुरता को बदल सकता है, जो तब शिकारी (प्रिडेटर) आबादी को प्रभावित कर सकता है।[130]

जीवाश्म ईंधन निष्कर्षण से प्रदूषण

[131] जीवाश्म ईंधन निष्कर्षण और उससे जुड़ी तेल एवं गैस पाइपलाइनों का भूमि रूपांतरण, आवास हानि और क्षरण तथा प्रदूषण के कारण कई बायोम की जैव विविधता पर बड़ा प्रभाव पड़ता है।[132] इसका एक उदाहरण पश्चिमी अमेज़ॅन वर्षावन क्षेत्र है।[133] वहाँ जीवाश्म ईंधन के दोहन का जैव विविधता पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा है।[131] 2018 तक, समृद्ध जैव विविधता वाले कई संरक्षित क्षेत्र ऐसे क्षेत्रों में थे जिनमें 3 से 15 ट्रिलियन डॉलर के बीच के अवशोषण न किए गए जीवाश्म ईंधन भंडार मौजूद थे।[131] भविष्य में इन संरक्षित क्षेत्रों पर खतरा मंडरा सकता है।

अति-शोषण

আরও দেখুন: Overexploitation

निरंतर अति-शोषण (ओवरएक्सप्लॉइटेशन) से संसाधन का विनाश हो सकता है, क्योंकि यह पुनर्भरण (रिप्लेनिश) होने में असमर्थ होगा।[12][134] यह शब्द प्राकृतिक संसाधनों जैसे जल जलभृतों (एक्विफर्स), चराई वाले चारागाहों और वनों, जंगली औषधीय पौधों, मछली स्टॉक और अन्य वन्यजीवों पर लागू होता है।

अत्यधिक मछली पकड़ना (ओवरफिशिंग)

মূল নিবন্ধ: Overfishing

[135]

2019 की इंटरगवर्नमेंटल साइंस-पॉलिसी प्लेटफॉर्म ऑन बायोडायवर्सिटी एंड इकोसिस्टम सर्विसेज (IPBES) की रिपोर्ट में पाया गया कि अत्यधिक मछली पकड़ना (ओवरफिशिंग) महासागरों में प्रजातियों के भारी विलुप्त होने का मुख्य कारण है।[136][137] अत्यधिक मछली पकड़ने के कारण 1800 के दशक से मछली और समुद्री स्तनधारियों के बायोमास में 60% की कमी आई है।[138] वर्तमान में यह एक तिहाई से अधिक शार्क और रेज (किरण-मीन) को विलुप्त होने की कगार पर धकेल रहा है।[139]

कई व्यावसायिक मछलियों का अत्यधिक दोहन किया गया है: 2020 की FAO रिपोर्ट ने दुनिया की समुद्री मत्स्य पालन की 34% मछली स्टॉक को अत्यधिक मछली पकड़ी गई (ओवरफिशड) श्रेणी में वर्गीकृत किया।[140] 2020 तक, वैश्विक मछली आबादी में 1970 के बाद से 38% की गिरावट आई थी।[87]

अत्यधिक मछली पकड़ने को नियंत्रित करने के लिए कई नियामक उपाय उपलब्ध हैं। इनमें मछली पकड़ने का कोटा (फिशिंग कोटा), बैग सीमा, लाइसेंसिंग, बंद मौसम (क्लोज्ड सीजन्स), आकार सीमा, और समुद्री रिज़र्व तथा अन्य समुद्री संरक्षित क्षेत्रों का निर्माण शामिल है।

मानव अतिसंख्‍या और अतिउपभोग

[141]

2017 के मध्य तक दुनिया की जनसंख्या लगभग 7.6 अरब थी और 21वीं सदी के अंत तक इसके 10 से 12 अरब लोगों तक पहुंचने का अनुमान है।[142] विद्वानों का तर्क रहा है कि अतिउपभोग के साथ-साथ जनसंख्या का आकार और वृद्धि, जैव विविधता के नुकसान और मृदा क्षरण में महत्वपूर्ण कारक हैं।[143][144] समीक्षा लेखों, जिनमें 2019 की IPBES रिपोर्ट भी शामिल है, ने यह भी उल्लेख किया है कि मानव जनसंख्या वृद्धि और अतिउपभोग प्रजातियों की गिरावट के महत्वपूर्ण चालक हैं।[10][11] 2022 के एक अध्ययन ने चेतावनी दी कि यदि जैव विविधता के नुकसान के प्राथमिक चालकों को नजरअंदाज करना जारी रखा गया, जिसमें जनसंख्या का आकार और वृद्धि शामिल है, तो संरक्षण प्रयास विफल होते रहेंगे।[12] सस्टेनेबल डेवलपमेंट में प्रकाशित 2026 के एक अध्ययन ने तर्क दिया कि 2200 तक मानव जनसंख्या को धीरे-धीरे घटाकर 4 अरब करना स्थिरता (सस्टेनेबिलिटी) की ओर एक मार्ग है जो अतिउपभोग, जैव विविधता के नुकसान और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने में मदद करेगा।[145][146]

अन्य वैज्ञानिकों ने इस दावे की आलोचना की है कि जनसंख्या वृद्धि जैव विविधता के नुकसान का एक प्रमुख चालक है।[15] उनका तर्क है कि मुख्य चालक आवास का नुकसान है, जो "उच्च आय वाली अर्थव्यवस्थाओं में मुख्य रूप से पशुधन के चारे या बायोईंधन की खपत के लिए, निर्यात के लिए वस्तुओं की वृद्धि, विशेष रूप से सोयाबीन और पाम-ऑयल" के कारण होता है।[15] देशों के बीच धन की असमानताओं के कारण, किसी देश की कुल जनसंख्या और उसके प्रति व्यक्ति पदचिह्न (फुटप्रिंट) के बीच नकारात्मक सहसंबंध होता है। दूसरी ओर, किसी देश की जीडीपी और उसके फुटप्रिंट के बीच का सहसंबंध मजबूत होता है।[15] अध्ययन का तर्क है कि पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए एक मीट्रिक के रूप में जनसंख्या उपयोगी नहीं है और यह प्रतिकूल साबित होती है।[15]

आक्रामक प्रजातियां

মূল নিবন্ধ: Invasive species

आक्रामक (इनवेसिव) शब्द को अच्छी तरह से परिभाषित नहीं किया गया है और यह अक्सर व्यक्तिपरक होता है।[147] यूरोपीय संघ आक्रामक विदेशी प्रजातियों को उन प्रजातियों के रूप में परिभाषित करता है जो उनके प्राकृतिक वितरण क्षेत्र से बाहर हैं और जो जैविक विविधता के लिए खतरा पैदा करती हैं।[148][149] जैविक आक्रमण को वैश्विक जैव विविधता के नुकसान के शीर्ष पांच चालकों में से एक माना जाता है और यह पर्यटन तथा वैश्वीकरण के कारण बढ़ रहा है।[150][151] यह विशेष रूप से खराब विनियमित मीठे पानी प्रणालियों में सच हो सकता है, हालांकि संगरोध (क्वारंटीन) और गिट्टी जल (बैलस्ट वाटर) के नियमों ने स्थिति में सुधार किया है।[109]

आक्रामक प्रजातियां प्रतिस्पर्धात्मक बहिष्करण, पारिस्थितिक आला विस्थापन, या संबंधित मूल प्रजातियों के साथ संकरण (हाइब्रिडाइजेशन) के माध्यम से स्थानीय मूल प्रजातियों को विलुप्त होने की ओर धकेल सकती हैं। इसलिए, विदेशी आक्रमण परिचय के स्थलों पर बायोटा की संरचना, संगठन और वैश्विक वितरण में व्यापक परिवर्तन ला सकते हैं। इससे दुनिया के जीव-जंतुओं और वनस्पति का समरूपीकरण (होमोजिनाइजेशन) तथा जैव विविधता का नुकसान होता है।[152][153]

जलवायु परिवर्तन

[154] जलवायु परिवर्तन वैश्विक जैव विविधता के लिए एक और खतरा है।[17][18][155] यह मानवीय गतिविधियों, जैसे कि जीवाश्म ईंधन जलाने और मीथेन गैस तथा प्रदूषण के निकलने के कारण तेजी से बदला है।[156] हाल के अध्ययनों में पाया गया है कि वायुमंडलीय कार्बन डाइऑक्साइड के स्तर के कारण वैश्विक सतह के तापमान में वृद्धि होने की उम्मीद है।[157] लेकिन आवास विनाश, जैसे कि कृषि के विस्तार के लिए, वर्तमान में जैव विविधता के नुकसान का अधिक महत्वपूर्ण चालक है।[23][24][158]

IPBES और IPCC के वैज्ञानिकों द्वारा 2021 की एक सहयोगात्मक रिपोर्ट में पाया गया कि जैव विविधता के नुकसान और जलवायु परिवर्तन का समाधान एक साथ किया जाना चाहिए, क्योंकि वे आपस में गहराई से जुड़े हुए हैं और मानव कल्याण पर उनका समान प्रभाव पड़ता है।[159] 2022 में, यूरोपीय आयोग के उपाध्यक्ष, फ्रांस टिमरमैंस ने कहा कि लोग जलवायु परिवर्तन के खतरे की तुलना में जैव विविधता के नुकसान के खतरे से कम वाकिफ हैं।[160]

जलवायु परिवर्तन और आक्रामक प्रजातियों के बीच की अंतःक्रिया जटिल है और इसका आकलन करना आसान नहीं है। जलवायु परिवर्तन कुछ आक्रामक प्रजातियों के पक्ष में हो सकता है और दूसरों को नुकसान पहुंचा सकता है,l[161] लेकिन बहुत कम लेखकों ने आक्रामक प्रजातियों के लिए जलवायु परिवर्तन के विशिष्ट परिणामों की पहचान की है।[162]

पिछले कई दशकों में वनों में आक्रामक प्रजातियां और अन्य व्यवधान अधिक आम हो गए हैं। ये आमतौर पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जलवायु परिवर्तन से जुड़े होते हैं और वन पारिस्थितिकी तंत्र के लिए नकारात्मक परिणाम लाते हैं।[25][26]

Habitat destruction#Climate change

विलोपन का जोखिम

Extinction risk from climate change

प्रभाव

पारिस्थितिकी तंत्र पर

আরও দেখুন: Ecological effects of biodiversity जैव विविधता के नुकसान का पारिस्थितिकी तंत्र के कामकाज पर बुरा प्रभाव पड़ता है।[163] इसका असर मनुष्यों पर भी पड़ता है,[54] क्योंकि प्रभावित पारिस्थितिकी तंत्र अब पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं की वैसी गुणवत्ता प्रदान नहीं कर सकते हैं, जैसे कि फसल परागण, हवा और पानी को स्वच्छ करना, कचरे का अपघटन, और वन उत्पाद प्रदान करना तथा साथ ही मनोरंजन और पर्यटन के लिए क्षेत्र उपलब्ध कराना।[109][164]

पिछले 20 वर्षों के शोध की 2012 की एक व्यापक समीक्षा के दो प्रमुख निष्कर्ष निम्नलिखित हैं:[54]

  • "अब इस बात के अकाट्य प्रमाण हैं कि जैव विविधता का नुकसान उस दक्षता को कम करता है जिससे पारिस्थितिक समुदाय जैविक रूप से आवश्यक संसाधनों को पकड़ते हैं, बायोमास का उत्पादन करते हैं, और जैविक रूप से आवश्यक पोषक तत्वों का अपघटन तथा पुनर्चक्रण करते हैं"; और
  • "पारिस्थितिक प्रक्रियाओं पर विविधता के नुकसान के प्रभाव पर्यावरणीय परिवर्तन के कई अन्य वैश्विक चालकों के प्रभावों को टक्कर देने के लिए पर्याप्त रूप से बड़े हो सकते हैं।"

स्थायी वैश्विक प्रजाति नुकसान (विलोपन) प्रजाति संरचना में क्षेत्रीय परिवर्तनों की तुलना में अधिक नाटकीय घटना है। लेकिन एक स्वस्थ स्थिर अवस्था से छोटे परिवर्तन भी खाद्य जाल और खाद्य श्रृंखला पर एक नाटकीय प्रभाव डाल सकते हैं, क्योंकि एक प्रजाति में कमी पूरी श्रृंखला को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर सकती है (सह-विलोपन)। इससे जैव विविधता में समग्र कमी आ सकती है, जब तक कि पारिस्थितिकी तंत्र की वैकल्पिक स्थिर अवस्थाएं संभव न हों।[165]

उदाहरण के लिए, घास के मैदानों पर किए गए एक अध्ययन में हेरफेर किए गए घास के मैदान के पौधों की विविधता का उपयोग किया गया और पाया गया कि उच्च जैव विविधता वाले पारिस्थितिकी तंत्र जलवायु चरम सीमाओं के प्रति अपनी उत्पादकता की अधिक प्रतिरोधक क्षमता दिखाते हैं।[166]

भोजन और कृषि पर

2019 में, संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) ने खाद्य और कृषि के लिए जैव विविधता की विश्व की स्थिति पर अपनी पहली रिपोर्ट तैयार की। इसने चेतावनी दी कि "आनुवंशिक, प्रजाति और पारिस्थितिकी तंत्र स्तरों पर खाद्य और कृषि के लिए जैव विविधता के कई प्रमुख घटक पतन की ओर हैं।"[167][168]

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है, "बीएफए (भोजन और कृषि के लिए जैव विविधता) पर नकारात्मक प्रभाव डालने वाले कई कारक, जिनमें अत्यधिक दोहन (ओवरएक्सप्लॉइटेशन), अत्यधिक कटाई (ओवहार्वेस्टिंग), प्रदूषण, बाहरी आदानों का अत्यधिक उपयोग, तथा भूमि और जल प्रबंधन में बदलाव शामिल हैं, कम से कम आंशिक रूप से अनुचित कृषि पद्धतियों के कारण होते हैं"[169]6 और "प्रजातियों, नस्लों और किस्मों की कम संख्या के गहन उत्पादन की ओर संक्रमण, बीएफए और पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं के नुकसान के प्रमुख कारक बने हुए हैं।"[169]6

कृषि पद्धतियों से संबंधित जैव विविधता के नुकसान को कम करने के लिए, FAO "फसल और पशुधन उत्पादन, वानिकी, मत्स्य पालन और जलीय कृषि में जैव विविधता के अनुकूल प्रबंधन प्रथाओं" के उपयोग को बढ़ावा देता है।[169]13

स्वास्थ्य और औषधियों पर

WHO ने विश्लेषण किया है कि जैव विविधता और मानव स्वास्थ्य किस प्रकार जुड़े हुए हैं: "जैव विविधता और मानव स्वास्थ्य, तथा संबंधित नीतियां और गतिविधियां विभिन्न तरीकों से आपस में जुड़ी हुई हैं। सबसे पहले, जैव विविधता से स्वास्थ्य संबंधी लाभ मिलते हैं। उदाहरण के लिए, प्रजातियों और जीनोटाइप की विविधता पोषक तत्व और औषधियां प्रदान करती है।"[170] जैव विविधता के नुकसान के चल रहे कारक और प्रभाव भविष्य में कोविड-19 महामारी जैसी जूनोटिक बीमारी के प्रकोप का कारण बन सकते हैं।[171]

औषधीय और सुगंधित पौधों का उपयोग पारंपरिक चिकित्सा के साथ-साथ सौंदर्य प्रसाधन और खाद्य उद्योगों में भी व्यापक रूप से किया जाता है।[170]12 WHO ने 2015 में अनुमान लगाया था कि लगभग "60,000 प्रजातियों का उपयोग उनके औषधीय, पोषण संबंधी और सुगंधित गुणों के लिए किया जाता है।"[170]12 औषधीय उद्देश्यों के लिए पौधों का वैश्विक व्यापार होता है।[170]12

जैव विविधता फार्मास्युटिकल्स के विकास में योगदान देती है। औषधियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्राकृतिक उत्पादों से प्राप्त होता है। इनमें से कई प्राकृतिक उत्पाद समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र से आते हैं।[172] हालांकि, अनियंत्रित और अनुचित अत्यधिक कटाई (जैव-अन्वेषण) से अत्यधिक दोहन, पारिस्थितिकी तंत्र का क्षरण और जैव विविधता का नुकसान हो सकता है।[173][174] उपयोगकर्ता और व्यापारी पारंपरिक चिकित्सा के लिए पौधों की कटाई या तो उन्हें रोपकर करते हैं या उन्हें जंगल से एकत्र करके करते हैं। दोनों ही मामलों में, औषधीय संसाधनों का टिकाऊ प्रबंधन महत्वपूर्ण है।[170]13

प्रस्तावित समाधान

আরও দেখুন: Conservation movement, Environmental protection, Wildlife conservation [175] वैज्ञानिक इस बात की जांच कर रहे हैं कि जैव विविधता के नुकसान और जलवायु परिवर्तन से एक साथ निपटने के लिए क्या किया जा सकता है। इन दोनों संकटों के लिए, "पर्याप्त प्रकृति और सही स्थानों पर उसका संरक्षण" करने की आवश्यकता है।[176] 2020 के एक अध्ययन में पाया गया कि "वर्तमान में संरक्षित 15% भूमि क्षेत्र से परे, जैव विविधता के लिए विशेष महत्व के अतिरिक्त स्थलों का संरक्षण करने और जलवायु को स्थिर करने के लिए 35% भूमि क्षेत्र की आवश्यकता है।"[176]

केवल पर्यावरण संरक्षण से आगे बढ़कर, जैव विविधता की रक्षा के लिए अतिरिक्त उपाय महत्वपूर्ण हैं। ऐसे उपायों में भूमि उपयोग में बदलाव के कारकों से निपटना, कृषि में दक्षता बढ़ाना और पशु कृषि की आवश्यकता को कम करना शामिल है। बाद वाला उपाय पौधे आधारित आहार के हिस्से को बढ़ाकर प्राप्त किया जा सकता है।[177][178]

जैव विविधता पर कन्वेंशन

আরও দেখুন: 2022 United Nations Biodiversity Conference कई सरकारों ने 1992-93 में हस्ताक्षरित एक बहुपक्षीय संधि, जैव विविधता पर कन्वेंशन (CBD) के तहत अपने क्षेत्रों के कुछ हिस्सों का संरक्षण किया है। 20 आइसी जैव विविधता लक्ष्य सीबीडी की रणनीतिक योजना 2011–2020 का हिस्सा हैं और इन्हें 2010 में प्रकाशित किया गया था।[179] आइची लक्ष्य संख्या 11 का उद्देश्य 2020 तक स्थलीय और आंतरिक जल क्षेत्रों का 17% तथा तटीय और समुद्री क्षेत्रों का 10% हिस्सा संरक्षित करना था।[180]

2010 में आइची जैव विविधता लक्ष्यों द्वारा निर्धारित 20 जैव विविधता लक्ष्यों में से, 2020 तक केवल छह लक्ष्य आंशिक रूप से प्राप्त किए गए थे।[28][29] 2020 की सीबीडी रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया कि यदि यथास्थिति नहीं बदली, तो "वर्तमान में गैर-टिकाऊ उत्पादन और उपभोग पैटर्न, जनसंख्या वृद्धि और तकनीकी विकास" के कारण जैव विविधता का पतन जारी रहेगा।[181][182] रिपोर्ट में ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कैमरून और गैलापागोस द्वीप समूह (इक्वाडोर) को भी विशेष रूप से रेखांकित किया गया क्योंकि पिछले दस वर्षों में उनके यहां के कुछ जानवरों का अस्तित्व समाप्त हो गया है।[183]

इसके बाद, 64 देशों और यूरोपीय संघ के नेताओं ने पर्यावरणीय क्षरण को रोकने और प्राकृतिक दुनिया को बहाल करने की प्रतिबद्धता जताई। इस प्रतिज्ञा पर दुनिया के कुछ सबसे बड़े प्रदूषण फैलाने वाले देशों—अर्थात चीन, भारत, रूस, ब्राजील और संयुक्त राज्य अमेरिका—के नेताओं द्वारा हस्ताक्षर नहीं किए गए थे।[184] कुछ विशेषज्ञों का तर्क है कि जैव विविधता पर कन्वेंशन की पुष्टि करने से संयुक्त राज्य अमेरिका का इनकार विलुप्त होने के संकट को रोकने के वैश्विक प्रयासों को नुकसान पहुंचा रहा है।[185]

वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि 2020 के लक्ष्य पूरे भी कर लिए जाते, तब भी विलुप्त होने की दरों में कोई महत्वपूर्ण कमी आने की संभावना नहीं थी।[144][1] अन्य लोगों ने यह चिंता जताई है कि जैव विविधता पर कन्वेंशन पर्याप्त रूप से दूरगामी नहीं है, और उनका तर्क है कि लक्ष्य 2050 तक शून्य विलुप्ति होना चाहिए, साथ ही प्रकृति पर unsustainable food production (अस्थायी खाद्य उत्पादन) के प्रभाव को आधा करना चाहिए। इस बात की भी आलोचना की गई है कि ये लक्ष्य कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं हैं।[186]

दिसंबर 2022 में, संयुक्त राज्य अमेरिका और पवित्र कुर्सी (होली सी)[187] को छोड़कर हर देश ने 2022 संयुक्त राष्ट्र जैव विविधता सम्मेलन में कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता रूपरेखा पर हस्ताक्षर किए।[188] यह रूपरेखा 2030 तक 30% भूमि और महासागरों की रक्षा करने का आह्वान करती है (30 तक 30)। इसके अलावा इसमें जैव विविधता के नुकसान को कम करने के उद्देश्य से 22 अन्य लक्ष्य भी शामिल हैं। समझौते पर हस्ताक्षर करते समय, केवल 17% भूमि क्षेत्र और 10% महासागर क्षेत्र ही संरक्षित थे। इस समझौते में स्वदेशी लोगों के अधिकारों की रक्षा करना और वर्तमान सब्सिडी नीति को जैव विविधता संरक्षण के लिए बेहतर नीति में बदलना शामिल है, लेकिन आइची लक्ष्यों की तुलना में यह प्रजातियों को विलुप्त होने से बचाने के मामले में एक कदम पीछे हटता है।[189][190] आलोचकों ने कहा कि यह समझौता जैव विविधता की रक्षा के लिए पर्याप्त दूरगामी नहीं है, और यह प्रक्रिया जल्दबाजी में की गई थी।[189]

अन्य अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय कार्रवाई

2019 में जैविक विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं पर अंतर-सरकारी विज्ञान-नीति मंच (IPBES) ने जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं पर वैश्विक मूल्यांकन रिपोर्ट प्रकाशित की। इस रिपोर्ट में कहा गया कि मानवीय गतिविधि के कारण दस लाख तक पौधों और जानवरों की प्रजातियों पर विलुप्त होने का खतरा मंडरा रहा है।[10] IPBES एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जिसकी भूमिका जलवायु परिवर्तन पर अंतर-सरकारी पैनल (IPCC) के समान है,[191] सिवाय इसके कि इसका ध्यान जलवायु परिवर्तन के बजाय जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं पर केंद्रित है।

संयुक्त राष्ट्र का सतत विकास लक्ष्य 15 (SDG 15), "स्थलीय जीवन", जैव विविधता लक्ष्यों को शामिल करता है। इसका पांचवां लक्ष्य है: "प्राकृतिक आवासों के क्षरण को कम करने, जैव विविधता के नुकसान को रोकने और 2020 तक संकटग्रस्त प्रजातियों की रक्षा करने तथा उनके विलुप्त होने को रोकने के लिए तत्काल और महत्वपूर्ण कार्रवाई करें।"[192] इस लक्ष्य का एक संकेतक है: रेड लिस्ट इंडेक्स।[193]

ग्रह के 1% से भी कम हिस्से को कवर करने के बावजूद, पक्षी प्रजातियों के लगभग तीन-चौथाई, स्तनधारियों के दो-तिहाई और हार्ड कोरल (कठोर प्रवाल) के आधे से अधिक हिस्से को विश्व धरोहर स्थलों में दर्ज किया गया है। जिन देशों में विश्व धरोहर स्थल हैं, वे उन्हें अपनी राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीतियों और कार्य योजनाओं में शामिल कर सकते हैं।[194][195]

इन्हें भी देखें

संदर्भ

  1. ↑ 1.0 1.1 1.2 (2021). "Underestimating the Challenges of Avoiding a Ghastly Future". Frontiers in Conservation Science. 1. doi:10.3389/fcosc.2020.615419.
  2. ↑ 2.0 2.1 IPBES. (2019). Summary for policymakers of the global assessment report on biodiversity and ecosystem services. doi:10.5281/zenodo.3553579.
  3. ↑ Bongaarts, John. (2019). IPBES, 2019. Summary for policymakers of the global assessment report on biodiversity and ecosystem services of the Intergovernmental Science-Policy Platform on Biodiversity and Ecosystem Services. Population and Development Review. 45 (3) 680–681. doi:10.1111/padr.12283.
  4. ↑ (13 November 2017). "World Scientists' Warning to Humanity: A Second Notice". BioScience. 67 (12) 1026–1028. doi:10.1093/biosci/bix125.
  5. ↑ (April 2022). "The Sixth Mass Extinction: fact, fiction or speculation?". Biological Reviews of the Cambridge Philosophical Society. 97 (2) 640–663. doi:10.1111/brv.12816.
  6. ↑ 6.0 6.1 6.2 6.3 (2010). Global Biodiversity Outlook 3. Convention on Biological Diversity.
  7. ↑ 7.0 7.1 (August 2017). Biodiversity at risk under future cropland expansion and intensification. Nature Ecology & Evolution. 1 (8) 1129–1135. doi:10.1038/s41559-017-0234-3.
  8. ↑ 8.0 8.1 (August 2015). "Land use intensification alters ecosystem multifunctionality via loss of biodiversity and changes to functional composition". Ecology Letters. 18 (8) 834–843. doi:10.1111/ele.12469.
  9. ↑ 9.0 9.1 (April 2016). "Invasive species triggers a massive loss of ecosystem services through a trophic cascade". Proceedings of the National Academy of Sciences of the United States of America. 113 (15) 4081–5. doi:10.1073/pnas.1600366113.
  10. ↑ 10.0 10.1 10.2 10.3 (6 May 2019). "Landmark analysis documents the alarming global decline of nature". Science. doi:10.1126/science.aax9287.
  11. ↑ 11.0 11.1 (May 2014). "The biodiversity of species and their rates of extinction, distribution, and protection". Science. 344 (6187). doi:10.1126/science.1246752.
  12. ↑ 12.0 12.1 12.2 (August 2022). Overpopulation is a major cause of biodiversity loss and smaller human populations are necessary to preserve what is left. Biological Conservation. 272. doi:10.1016/j.biocon.2022.109646.
  13. ↑ (21 April 2017). The interaction of human population, food production, and biodiversity protection. Science. 356 (6335) 260–264. doi:10.1126/science.aal2011.
  14. ↑ (2023). "Mutilation of the tree of life via mass extinction of animal genera". Proceedings of the National Academy of Sciences of the United States of America. 120 (39). doi:10.1073/pnas.2306987120.
  15. ↑ 15.0 15.1 15.2 15.3 15.4 (2023-01-01). "Smaller human populations are neither a necessary nor sufficient condition for biodiversity conservation". Biological Conservation. 277. doi:10.1016/j.biocon.2022.109841.
  16. ↑ Weston, Phoebe. (March 26, 2025). Biodiversity loss in all species and every ecosystem linked to humans – report. The Guardian.
  17. ↑ 17.0 17.1 (2005). Climate change and biodiversity. Intergovernmental Panel on Climate Change.
  18. ↑ 18.0 18.1 (2009). Effects of climate change on global biodiversity: a review of key literature. Tropical Ecology. 50 (1) 31–39.
  19. ↑ Climate change, reefs and the Coral Triangle. wwf.panda.org.
  20. ↑ Aldred, Jessica. (2 July 2014). Caribbean coral reefs 'will be lost within 20 years' without protection. The Guardian.
  21. ↑ (28 August 2024). "Carbon emissions from the 2023 Canadian wildfires". Nature. 633 (8031) 835–839. doi:10.1038/s41586-024-07878-z.
  22. ↑ (2017-10-12). Ecology and Society: Agriculture production as a major driver of the Earth system exceeding planetary boundaries. Ecology and Society. 22 (4). doi:10.5751/ES-09595-220408.
  23. ↑ 23.0 23.1 Ketcham, Christopher. (December 3, 2022). Addressing Climate Change Will Not "Save the Planet". The Intercept.
  24. ↑ 24.0 24.1 (2022). "An inconvenient misconception: Climate change is not the principal driver of biodiversity loss". Conservation Letters. 15 (3). doi:10.1111/conl.12868.
  25. ↑ 25.0 25.1 Bank, European Investment. (2022-12-08). Forests at the heart of sustainable development: Investing in forests to meet biodiversity and climate goals. European Investment Bank. ISBN 978-92-861-5403-4.
  26. ↑ 26.0 26.1 (2021). "Invasive Species in Forests and Rangelands of the United States: A Comprehensive Science Synthesis for the United States Forest Sector". 57–83. Springer International Publishing. ISBN 978-3-030-45367-1. doi:10.1007/978-3-030-45367-1_4.
  27. ↑ United Nations Environment Programme. (2021). Making Peace with Nature: A scientific blueprint to tackle the climate, biodiversity and pollution emergencies. United Nations.
  28. ↑ 28.0 28.1 (September 15, 2020). More than 150 countries made a plan to preserve biodiversity a decade ago. A new report says they mostly failed.. CBS News.
  29. ↑ 29.0 29.1 Global Biodiversity Outlook 5. Convention on Biological Diversity.
  30. ↑ (February 2, 2021). Economics of biodiversity review: what are the recommendations?. The Guardian.
  31. ↑ (2021). The Economics of Biodiversity: The Dasgupta Review Headline Messages. 1. UK government.
  32. ↑ (2014-05-30). The biodiversity of species and their rates of extinction, distribution, and protection. Science. 344 (6187). doi:10.1126/science.1246752.
  33. ↑ (June 2015). "Accelerated modern human-induced species losses: Entering the sixth mass extinction". Science Advances. 1 (5). doi:10.1126/sciadv.1400253.
  34. ↑ (April 2015). Estimating the normal background rate of species extinction. Conservation Biology. 29 (2) 452–62. doi:10.1111/cobi.12380.
  35. ↑ (June 2020). "Vertebrates on the brink as indicators of biological annihilation and the sixth mass extinction". Proceedings of the National Academy of Sciences of the United States of America. 117 (24) 13596–13602. doi:10.1073/pnas.1922686117.
  36. ↑ (September 2020). "The past and future human impact on mammalian diversity". Science Advances. 6 (36). doi:10.1126/sciadv.abb2313.
  37. ↑ CIESM 2013. Marine extinctions - patterns and processes. CIESM Workshop Monograph n° 45 [F. Briand ed.], 188 p., CIESM Publisher, Monaco.
  38. ↑ (2014). "The biodiversity of species and their rates of extinction, distribution, and protection". Science. 344 (6187). doi:10.1126/science.1246752.
  39. ↑ (2012-06-06). "Biodiversity loss and its impact on humanity". Nature. 486 (7401) 59–67. doi:10.1038/nature11148.
  40. ↑ (2022). Undescribed species have higher extinction risk than known species. Conservation Letters. 15 (3). doi:10.1111/conl.12876.
  41. ↑ Giam, Xingli. (2017-06-06). "Global biodiversity loss from tropical deforestation". Proceedings of the National Academy of Sciences. 114 (23) 5775–5777. doi:10.1073/pnas.1706264114.
  42. ↑ Myers, Norman. (1976-07-16). An Expanded Approach to the Problem of Disappearing Species. Science. 193 (4249) 198–202. doi:10.1126/science.193.4249.198.
  43. ↑ 43.0 43.1 (June 2006). Population Growth, Human Development, and Deforestation in Biodiversity Hotspots. Conservation Biology. 20 (3) 906–912. doi:10.1111/j.1523-1739.2006.00398.x.
  44. ↑ The IUCN Red List of Threatened Species. IUCN Red List.
  45. ↑ The IUCN Red List of Threatened Species. IUCN Red List of Threatened Species.
  46. ↑ Melillo, Gianna. (July 19, 2022). Threat of global extinction may be greater than previously thought, study finds. The Hill.
  47. ↑ (2022). "Expert perspectives on global biodiversity loss and its drivers and impacts on people". Frontiers in Ecology and the Environment. 21 (2) 94–103. doi:10.1002/fee.2536.
  48. ↑ . (May 23, 2023). Biodiversity: Almost half of animals in decline, research shows. BBC.
  49. ↑ (2023). "More losers than winners: investigating Anthropocene defaunation through the diversity of population trends". Biological Reviews. 98 (5) 1732–1748. doi:10.1111/brv.12974.
  50. ↑ Paddison, Laura. (May 22, 2023). Global loss of wildlife is 'significantly more alarming' than previously thought, according to a new study. CNN.
  51. ↑ Tor-Björn Larsson. (2001). [y Biodiversity evaluation tools for European forests]. 178. Wiley-Blackwell. ISBN 978-87-16-16434-6.
  52. ↑ Davis. [y Intro To Env Engg (Sie), 4E]. 4. McGraw-Hill Education (India) Pvt Ltd. ISBN 978-0-07-067117-1.
  53. ↑ 53.0 53.1 Preston, F.W.. (July 1948). The Commonness, and Rarity, of Species. Ecology. 29 (3) 254–283. doi:10.2307/1930989.
  54. ↑ 54.0 54.1 54.2 (June 2012). Biodiversity loss and its impact on humanity. Nature. 486 (7401) 59–67. doi:10.1038/nature11148.
  55. ↑ 55.0 55.1 (2010). Terre et Environnement. 88 147–155. Institut Forel, Département de Minéraologie, Département de Géologie et Paléontologie, Section Sciences de la Terre, Université de Genève. ISBN 978-2-940153-87-9.
  56. ↑ (August 2016). "Estimating local biodiversity change: a critique of papers claiming no net loss of local diversity". Ecology. 97 (8) 1949–1960. doi:10.1890/15-1759.1.
  57. ↑ (October 2025). How does the Living Planet Index vary by region?. Our World in Data (OWID). See file description page for updated referencing and more complete archives.
  58. ↑ (17 October 2022). 6 charts that show the state of biodiversity and nature loss – and how we can go 'nature positive'. World Economic Forum.
  59. ↑ (October 12, 2020). Fifth of countries at risk of ecosystem collapse, analysis finds. The Guardian.
  60. ↑ Home. livingplanet.panda.org.
  61. ↑ Carrington, Damian. (February 24, 2023). Ecosystem collapse 'inevitable' unless wildlife losses reversed. The Guardian.
  62. ↑ The 2022 Living Planet Report. livingplanet.panda.org.
  63. ↑ Home. livingplanet.panda.org.
  64. ↑ (September 10, 2020). Animal populations worldwide have declined nearly 70% in just 50 years, new report says. CBS News.
  65. ↑ 65.0 65.1 65.2 (2018). "Critical Decline of Earthworms from Organic Origins under Intensive, Humic SOM-Depleting Agriculture". Soil Systems. 2 (2) 33. doi:10.3390/soilsystems2020033. Text was copied from this source, which is available under a Creative Commons Attribution 4.0 International License.
  66. ↑ 66.0 66.1 66.2 66.3 66.4 (2015). Earthworm diversity and ecosystem services under threat.. Reviews in Agricultural Science. 3 25–35. doi:10.7831/ras.3.0_25.
  67. ↑ (2019). "Global distribution of earthworm diversity". Science. 366 (6464) 480–485. doi:10.1126/science.aax4851.
  68. ↑ (October 2017). "Conventional tillage decreases the abundance and biomass of earthworms and alters their community structure in a global meta-analysis". Global Change Biology. 23 (10) 4396–4419. doi:10.1111/gcb.13744.
  69. ↑ (September 12, 2019). Common pesticide makes migrating birds anorexic. Science.
  70. ↑ (2024). "Better economics for the Earth: A lesson from quantum and information theories". AISDL. ISBN 979-8-3328-6579-4.
  71. ↑ (September 5, 2018). These 8 Bird Species Have Disappeared This Decade. Environment.
  72. ↑ (July 17, 2020). "Climate change and bird extinctions in the Amazon". PLOS ONE. 15 (7). doi:10.1371/journal.pone.0236103.
  73. ↑ 73.0 73.1 (February 2016). "Plant diversity in a changing world: Status, trends, and conservation needs". Plant Diversity. 38 (1) 10–16. doi:10.1016/j.pld.2016.01.001.
  74. ↑ (May 2010). "Habitat fragmentation causes immediate and time-delayed biodiversity loss at different trophic levels". Ecology Letters. 13 (5) 597–605. doi:10.1111/j.1461-0248.2010.01457.x.
  75. ↑ (2020). "Extinction risk and threats to plants and fungi". Plants, People, Planet. 2 (5) 389–408. doi:10.1002/ppp3.10146.
  76. ↑ (2 September 2022). Prevent tree extinctions or face global ecological catastrophe, scientists warn. The Guardian.
  77. ↑ 77.0 77.1 (2022-08-31). "Scientists' warning to humanity on tree extinctions". Plants, People, Planet. 5 (4) 466–482. doi:10.1002/ppp3.10314.
  78. ↑ (15 November 2024). Tropospheric ozone pollution increases the sensitivity of plant production to vapor pressure deficit across diverse ecosystems in the Northern Hemisphere. Science of the Total Environment. 951. doi:10.1016/j.scitotenv.2024.175748.
  79. ↑ Corlett, Richard T.. (February 2016). "Plant diversity in a changing world: Status, trends, and conservation needs". Plant Diversity. 38 (1) 10–16. doi:10.1016/j.pld.2016.01.001.
  80. ↑ (28 August 2024). "Carbon emissions from the 2023 Canadian wildfires". Nature. 633 (8031) 835–839. doi:10.1038/s41586-024-07878-z.
  81. ↑ (2023-02-28). The Influence of Various Silvicultural Treatments and Forest Operations on Tree Species Biodiversity. Current Forestry Reports. 9 (1) 59–71. doi:10.1007/s40725-023-00179-0.
  82. ↑ (March 2019). "Biodiversity recovery of Neotropical secondary forests". Science Advances. 5 (3). doi:10.1126/sciadv.aau3114.
  83. ↑ 83.0 83.1 (April 2020). "Bending the Curve of Global Freshwater Biodiversity Loss: An Emergency Recovery Plan". BioScience. 70 (4) 330–342. doi:10.1093/biosci/biaa002.
  84. ↑ (2019). Emerging threats and persistent conservation challenges for freshwater biodiversity. Biological Reviews. 94 (3) 849–873. doi:10.1111/brv.12480.
  85. ↑ (February 23, 2021). Global freshwater fish populations at risk of extinction, study finds. The Guardian.
  86. ↑ 86.0 86.1 86.2 86.3 (2006). "Global Marine Biodiversity Trends". Annual Review of Environment and Resources. 31 (1) 93–122. doi:10.1146/annurev.energy.31.020105.100235.
  87. ↑ 87.0 87.1 (2020). YOUMARES 9 – The Oceans: Our Research, Our Future: Proceedings of the 2018 conference for YOUng MArine RESearcher in Oldenburg, Germany. 57–82. Springer International Publishing. ISBN 978-3-030-20389-4. doi:10.1007/978-3-030-20389-4_4.
  88. ↑ (October 2012). Species Missing in Action – Rare or Already Extinct?. National Geographic.
  89. ↑ (November 2006). "Impacts of biodiversity loss on ocean ecosystem services". Science. 314 (5800) 787–90. doi:10.1126/science.1132294.
  90. ↑ (2015). Marine biodiversity and ecosystem functioning: what's known and what's next?. Oikos. 124 (3) 252–265. doi:10.1111/oik.01549.
  91. ↑ (July 2015). "Spatial and temporal changes in cumulative human impacts on the world's ocean". Nature Communications. 6 (1). doi:10.1038/ncomms8615.
  92. ↑ (2009). Ocean Acidification: The Other CO2 Problem. Annual Review of Marine Science. 1 169–192. doi:10.1146/annurev.marine.010908.163834.
  93. ↑ (2022). "Scientists' warning of an imperiled ocean". Biological Conservation. 272. doi:10.1016/j.biocon.2022.109595.
  94. ↑ (1991). The First Historical Extinction of a Marine Invertebrate in an Ocean Basin: The Demise of the Eelgrass Limpet Lottia alveus. The Biological Bulletin. 180 (1) 72–80. doi:10.2307/1542430.
  95. ↑ (1 September 1998). [y Wildlife Issues in a Changing World]. CRC-Press. ISBN 978-1-56670-351-2.
  96. ↑ Chen, Jim. (2003). [y The Jurisdynamics of Environmental Protection: Change and the Pragmatic Voice in Environmental Law]. 197. Environmental Law Institute. ISBN 978-1-58576-071-8.
  97. ↑ (2005). [y Windows on the Wild]. New Africa Books. ISBN 978-1-86928-380-3.
  98. ↑ 98.0 98.1 (March 2015). "Habitat fragmentation and its lasting impact on Earth's ecosystems". Science Advances. 1 (2). doi:10.1126/sciadv.1500052.
  99. ↑ Otto, Sarah P.. (2018-11-21). "Adaptation, speciation and extinction in the Anthropocene". Proceedings of the Royal Society B: Biological Sciences. 285 (1891). doi:10.1098/rspb.2018.2047.
  100. ↑ (2003). "Genetic diversity and local population structure of fragmented populations of Trillium camschatcense (Trilliaceae)". Biological Conservation. 109 (2) 249–258. doi:10.1016/S0006-3207(02)00153-2.
  101. ↑ (2005). Edge Influence on Forest Structure and Composition in Fragmented Landscapes. Conservation Biology. 19 (3) 768–782. doi:10.1111/j.1523-1739.2005.00045.x.
  102. ↑ McKinney, Michael L.. (2006-01-01). Urbanization as a major cause of biotic homogenization. Biological Conservation. 127 (3) 247–260. doi:10.1016/j.biocon.2005.09.005.
  103. ↑ 103.0 103.1 (March 23, 2023). "A global assessment of the prevalence of current and potential future infrastructure in Key Biodiversity Areas". Biological Conservation. 281. doi:10.1016/j.biocon.2023.109953. Text was copied from this source, which is available under a Creative Commons Attribution 4.0 International License সংরক্ষিত সংস্করণ
  104. ↑ (April 2015). "Pollution going multimodal: the complex impact of the human-altered sensory environment on animal perception and performance". Biology Letters. 11 (4). doi:10.1098/rsbl.2014.1051.
  105. ↑ (2015-05-05). "The biological impacts of artificial light at night: the research challenge". Philosophical Transactions of the Royal Society B: Biological Sciences. 370 (1667). doi:10.1098/rstb.2014.0133.
  106. ↑ (2004-05-01). Climate change meets habitat fragmentation: linking landscape and biogeographical scale levels in research and conservation. Biological Conservation. 117 (3) 285–297. doi:10.1016/j.biocon.2003.12.008.
  107. ↑ (March 15, 2019). The Rapid Decline Of The Natural World Is A Crisis Even Bigger Than Climate Change. The Huffington Post.
  108. ↑ Global Land Outlook 2. UNCCD.
  109. ↑ 109.0 109.1 109.2 109.3 Millennium Ecosystem Assessment. (2005). Ecosystems and Human Well-being: Biodiversity Synthesis. World Resources Institute.
  110. ↑ Fao, Ifad. (2023). The State of Food Security and Nutrition in the World 2023. FAO; IFAD; UNICEF; WFP; WHO. ISBN 978-92-5-137226-5.
  111. ↑ (December 22, 2020). More than 17,000 species worldwide to lose part of habitat if agriculture continues to expand. The Independent.
  112. ↑ 112.0 112.1 (February 3, 2021). Plant-based diets crucial to saving global wildlife, says report. The Guardian.
  113. ↑ FAO Biodiversity | FAO. www.fao.org.
  114. ↑ (2022). The minimum land area requiring conservation attention to safeguard biodiversity. Science. 376 (6597) 1094–1101. doi:10.1126/science.abl9127.
  115. ↑ (2017-06-01). "An Ecoregion-Based Approach to Protecting Half the Terrestrial Realm". BioScience. 67 (6) 534–545. doi:10.1093/biosci/bix014.
  116. ↑ Barker, Jerry R.. (1992). "Air Pollution Effects on Biodiversity". Springer US. ISBN 978-1-4615-3538-6.
  117. ↑ Fowler, David. The global nitrogen cycle in the twenty-first century. Science. doi:10.1126/science.1251724.
  118. ↑ (2009). "Environmental and Ecological Chemistry – Volume I". EOLSS Publications. ISBN 978-1-84826-186-0.November 2021
  119. ↑ (January 2008). "Acid rain and its ecological consequences". Journal of Environmental Biology. 29 (1) 15–24.
  120. ↑ (October 2017). Nitrogen deposition and plant biodiversity: past, present, and future. Frontiers in Ecology and the Environment. 15 (8) 431–436. doi:10.1002/fee.1528.
  121. ↑ 121.0 121.1 121.2 (2009). Effects of Air Pollution on Ecosystems and Biological Diversity in the Eastern United States. Annals of the New York Academy of Sciences. 1162 (1) 99–135. doi:10.1111/j.1749-6632.2009.04153.x.
  122. ↑ doi:10.1126/science.1251724.
  123. ↑ (2019). "Evidence of the environmental impact of noise pollution on biodiversity: a systematic map protocol". Environmental Evidence. 8 (1). doi:10.1186/s13750-019-0146-6.
  124. ↑ 124.0 124.1 124.2 (2008). The Impact of Ocean Noise Pollution on Marine Biodiversity.
  125. ↑ (July 2005). "'Gas and fat embolic syndrome' involving a mass stranding of beaked whales (family Ziphiidae) exposed to anthropogenic sonar signals". Veterinary Pathology. 42 (4) 446–57. doi:10.1354/vp.42-4-446.
  126. ↑ (2011). "Effects of seismic shooting on local abundance and catch rates of cod ((Gadus morhua) and haddock )(Melanogrammus aeglefinus)". Canadian Journal of Fisheries and Aquatic Sciences. 53 (10) 2238–2249. doi:10.1139/f96-177.
  127. ↑ (2011). "Effects of Sounds from a Geophysical Survey Device on Catch-per-Unit-Effort in a Hook-and-Line Fishery for Rockfish (Sebastes spp.)". Canadian Journal of Fisheries and Aquatic Sciences. 49 (7) 1357–1365. doi:10.1139/f92-151.
  128. ↑ (2004). "Acoustic mapping of pelagic fish distribution and abundance in relation to a seismic shooting area off the Norwegian west coast". Fisheries Research. 67 (2) 143–150. doi:10.1016/j.fishres.2003.09.046.
  129. ↑ (August 2009). "Noise pollution changes avian communities and species interactions". Current Biology. 19 (16) 1415–9. doi:10.1016/j.cub.2009.06.052.
  130. ↑ (2010-03-01). The costs of chronic noise exposure for terrestrial organisms. Trends in Ecology & Evolution. 25 (3) 180–189. doi:10.1016/j.tree.2009.08.002.
  131. ↑ 131.0 131.1 131.2 (2018). "Present and future biodiversity risks from fossil fuel exploitation". Conservation Letters. 11 (4). doi:10.1111/conl.12448. Text was copied from this source, which is available under a Creative Commons Attribution 4.0 International License সংরক্ষিত সংস্করণ
  132. ↑ (September 2010). Anthropogenic transformation of the biomes, 1700 to 2000. Global Ecology and Biogeography. 19 (5) 589–606. doi:10.1111/j.1466-8238.2010.00540.x.
  133. ↑ (October 2013). Conservation. Biodiversity risks from fossil fuel extraction. Science. 342 (6157) 425–6. doi:10.1126/science.1237261.
  134. ↑ IPBES. (2019-11-25). Summary for policymakers of the global assessment report on biodiversity and ecosystem services. doi:10.5281/zenodo.3553579.
  135. ↑ (2005). "Trophic Cascades in a Formerly Cod-Dominated Ecosystem". Science. 308 (5728) 1621–1623. doi:10.1126/science.1113075.
  136. ↑ (January 2021). "Half a century of global decline in oceanic sharks and rays". Nature. 589 (7843) 567–571. doi:10.1038/s41586-020-03173-9.
  137. ↑ (May 6, 2019). UN report: Humans accelerating extinction of other species. Associated Press.
  138. ↑ (November 2021). "The global ocean size spectrum from bacteria to whales". Science Advances. 7 (46). doi:10.1126/sciadv.abh3732.
  139. ↑ (November 2021). "Overfishing drives over one-third of all sharks and rays toward a global extinction crisis". Current Biology. 31 (21) 4773–4787.e8. doi:10.1016/j.cub.2021.08.062.
  140. ↑ (2020). The State of World Fisheries and Aquaculture 2020. FAO. ISBN 978-92-5-132692-3. doi:10.4060/ca9229en.
  141. ↑ Ritchie, Hannah. (April 20, 2021). Wild mammals have declined by 85% since the rise of humans, but there is a possible future where they flourish. Our World in Data.
  142. ↑ (2022). World Population Prospects 2022, Graphs / Profiles. United Nations Department of Economic and Social Affairs, Population Division.
  143. ↑ (23 May 2017). "Biological annihilation via the ongoing sixth mass extinction signaled by vertebrate population losses and declines". PNAS. 114 (30) E6089–E6096. doi:10.1073/pnas.1704949114.
  144. ↑ 144.0 144.1 Weston, Phoebe. (13 January 2021). Top scientists warn of 'ghastly future of mass extinction' and climate disruption. The Guardian.
  145. ↑ (2026). Achieve Sustainability by Easing Population to 4 Billion by 2200. Sustainable Development. doi:10.1002/sd.71358.
  146. ↑ Sankaran, Vishwam. (July 28, 2026). Study reveals halving human population gradually could help Earth. The Independent.
  147. ↑ (24 February 2004). "A neutral terminology to define 'invasive' species: Defining invasive species". Diversity and Distributions. 10 (2) 135–141. doi:10.1111/j.1366-9516.2004.00061.x.
  148. ↑ Communication From The Commission To The Council, The European Parliament, The European Economic And Social Committee And The Committee Of The Regions Towards An EU Strategy On Invasive Species.
  149. ↑ (2018). "Non-native and invasive tree species – their impact on biodiversity loss". Zbornik Matice Srpske Za Prirodne Nauke. (134) 19–26. doi:10.2298/ZMSPN1834019L.
  150. ↑ (2002). Predicting Invasions of Nonindigenous Plants and Plant Pests. ISBN 978-0-309-08264-8. doi:10.17226/10259.
  151. ↑ (2015). Defining the Anthropocene. Nature. 519 (7542) 171–180. doi:10.1038/nature14258.
  152. ↑ (2012). "Pattern and process of biotic homogenization in the New Pangaea". Proceedings of the Royal Society B: Biological Sciences. 279 (1748) 4772–4777. doi:10.1098/rspb.2012.1651.
  153. ↑ (2008). "The alien invasive land snail Theba pisana in the West Coast National Park: Is there cause for concern?". Koedoe. 50 (1) 93–98. doi:10.4102/koedoe.v50i1.153.
  154. ↑ (August 4, 2021). "Thresholds of temperature change for mass extinctions". Nature Communications. 12 (1) 4694. doi:10.1038/s41467-021-25019-2.
  155. ↑ Climate Change 2022: Impacts, Adaptation and Vulnerability. www.ipcc.ch.
  156. ↑ (19 April 2023). "Climate Change and the Sea: A Major Disruption in Steady State and the Master Variables". ACS Environmental Au. 3 (4) 195–208. doi:10.1021/acsenvironau.2c00061.
  157. ↑ (8 February 2022). "Individual and Interactive Effects of Elevated Ozone and Temperature on Plant Responses". Horticulturae. 8 (3) 211. doi:10.3390/horticulturae8030211.
  158. ↑ Climate Change 2022: Impacts, Adaptation and Vulnerability. www.ipcc.ch.
  159. ↑ (June 10, 2021). Climate change and biodiversity loss must be tackled together – report. Reuters.
  160. ↑ (July 21, 2022). Destruction of nature as threatening as climate crisis, EU deputy warns. The Guardian.
  161. ↑ (April 1999). "Does global change increase the success of biological invaders?". Trends in Ecology & Evolution. 14 (4) 135–139. doi:10.1016/s0169-5347(98)01554-7.
  162. ↑ (June 2008). "Five potential consequences of climate change for invasive species". Conservation Biology. 22 (3) 534–543. doi:10.1111/j.1523-1739.2008.00951.x.
  163. ↑ (2012). Biodiversity loss and its impact on humanity. Nature. 486 (7401) 59–67. doi:10.1038/nature11148.
  164. ↑ IPBES. (2019-11-25). Summary for policymakers of the global assessment report on biodiversity and ecosystem services. doi:10.5281/zenodo.3553579.
  165. ↑ (November 2003). "Global State of Biodiversity and Loss". Annual Review of Environment and Resources. 28 (1) 137–167. doi:10.1146/annurev.energy.28.050302.105532.
  166. ↑ (2015). "Biodiversity increases the resistance of ecosystem productivity to climate extremes". Nature. 526 (7574) 574–577. doi:10.1038/nature15374.
  167. ↑ (2019). The State of the World's Biodiversity for Food and Agriculture. FAO Commission on Genetic Resources for Food and Agriculture.
  168. ↑ (February 22, 2019). UN: Growing threat to food from decline in biodiversity. BBC News.
  169. ↑ 169.0 169.1 169.2 (2019). In brief – The State of the World's Biodiversity for Food and Agriculture. FAO. Alt URL, text has been copied from this publication and a Wikipedia-specific license statement is available.
  170. ↑ 170.0 170.1 170.2 170.3 170.4 (2015). Connecting global priorities: biodiversity and human health: a state of knowledge review. World Health Organization. ISBN 978-92-4-150853-7.
  171. ↑ (2021). "The COVID-19 pandemic is intricately linked to biodiversity loss and ecosystem health". The Lancet Planetary Health. 5 (11) e840–e850. doi:10.1016/s2542-5196(21)00258-8.
  172. ↑ Roopesh, J.. (2008). Marine organisms: Potential Source for Drug Discovery. Current Science. 94 (3) 292.
  173. ↑ (September 2002). "Bioprospecting: Effects on Environment and Development". Ambio. 31 (6) 491–493. doi:[0491:beoead2.0.co;2 10.1639/0044-7447(2002)031[0491:beoead]2.0.co;2].
  174. ↑ Cole, Andrew. (2005). "Looking for new compounds in sea is endangering ecosystem". BMJ. 330 (7504) 1350. doi:10.1136/bmj.330.7504.1350-d.
  175. ↑ Red List Index. Our World in Data.
  176. ↑ 176.0 176.1 (September 2020). "A "Global Safety Net" to reverse biodiversity loss and stabilize Earth's climate". Science Advances. 6 (36). doi:10.1126/sciadv.abb2824.
  177. ↑ Bending the curve of biodiversity loss. phys.org.
  178. ↑ (September 2020). Bending the curve of terrestrial biodiversity needs an integrated strategy. Nature. 585 (7826) 551–556. doi:10.1038/s41586-020-2705-y.
  179. ↑ (May 11, 2018). Aichi Biodiversity Targets. Convention on Biological Diversity.
  180. ↑ Convention on Biological Diversity. Convention on Biological Diversity.
  181. ↑ (September 16, 2020). The world set a 2020 deadline to save nature but not a single target was met, UN report says. CNN.
  182. ↑ Secretariat of the Convention on Biological Diversity (2020) Global Biodiversity Outlook 5 সংরক্ষিত সংস্করণ. Montreal.
  183. ↑ (September 16, 2020). Australia singled out for mammal extinction in UN's dire global biodiversity report. Australian Broadcasting Corporation.
  184. ↑ (September 28, 2020). Countries pledge to reverse destruction of nature after missing biodiversity targets. Deutsche Welle.
  185. ↑ (May 20, 2021). Why the US won't join the single most important treaty to protect nature. Vox.
  186. ↑ (July 23, 2021). Nature's Paris moment: does the global bid to stem wildlife decline go far enough?. The Guardian.
  187. ↑ Einhorn, Catrin. (December 19, 2022). Nearly Every Country Signs On to a Sweeping Deal to Protect Nature. The New York Times.
  188. ↑ (2024). Involving citizens in monitoring the Kunming–Montreal Global Biodiversity Framework. Nature Sustainability. 7 (12) 1730–1739. doi:10.1038/s41893-024-01447-y.
  189. ↑ 189.0 189.1 Paddison, Laura. (December 19, 2022). More than 190 countries sign landmark agreement to halt the biodiversity crisis. CNN.
  190. ↑ Curry, Tierra. (December 24, 2022). COP15 biodiversity summit: Paving the road to extinction with good intentions. The Hill.
  191. ↑ (January 20, 2012). Biodiversity crisis is worse than climate change, experts say. ScienceDaily.
  192. ↑ (2017). Resolution adopted by the General Assembly on 6 July 2017. United Nations.
  193. ↑ Goal 15: Life on Land – SDG Tracker. Our World in Data. Text was copied from this source, which is available under a Creative Commons Attribution 4.0 International License
  194. ↑ Greenfield, Patrick. (2023-08-31). Fifth of known species on Earth found in Unesco world heritage sites – survey. The Guardian.
  195. ↑ New research underscores the vital role played by the World Heritage Convention in protecting biodiversity. UNESCO.

अतिरिक्त पठन

बाहरी लिंक

de:Verlust von Biodiversität


स्रोत: अंग्रेज़ी विकिपीडिया के “Biodiversity loss” लेख का अनुवाद। मूल लेख: https://en.wikipedia.org/wiki/Biodiversity_loss यह अनुवाद स्वचालित रूप से तैयार किया गया है।