एल्युमिनियम (Aluminium)
एल्युमिनियम (Aluminium / ऐलुमिनियम) आवर्त सारणी के समूह 13 (III A) का एक रासायनिक तत्व है। यह चाँदी जैसी चमक वाली एक अत्यंत हल्की तथा उपयोगी धातु है। इसका रासायनिक प्रतीक Al तथा परमाणु क्रमांक 13 है। सर्वप्रथम 1827 में जर्मन रसायनविद् फ्रेडरिक वोहलर ने एल्युमिनियम क्लोराइड को पोटैशियम के साथ गर्म करके शुद्ध एल्युमिनियम धातु को पृथक किया था।
पृथ्वी की भूपर्पटी (Crust) में प्रचुरता की दृष्टि से यह ऑक्सीजन और सिलिकॉन के बाद तीसरे स्थान पर तथा धातुओं में प्रथम स्थान (लगभग से ) पर है। अत्यधिक क्रियाशील होने के कारण यह प्रकृति में स्वतंत्र अवस्था में नहीं पाया जाता, बल्कि संयुक्त रूपों में लगभग 270 विभिन्न खनिजों में मिलता है। इसका मुख्य अयस्क बॉक्साइट () है।
भौतिक एवं रासायनिक गुणधर्म
- दिखावट एवं घनत्व: यह चाँदी के समान चमकदार श्वेत धातु है, जिसका घनत्व () इस्पात या ताँबे की तुलना में लगभग एक-तिहाई होता है।
- चालकता: यह ऊष्मा एवं विद्युत का एक उत्तम सुचालक है।
- आघातवर्धनीयता एवं तन्यता: यह अत्यंत आघातवर्धनीय (Malleable) और तन्य (Ductile) धातु है, जिसे पीटकर पतली पन्नी (Foil) और खींचकर पतले तार बनाए जा सकते हैं।
- संक्षारण प्रतिरोध: वायु के संपर्क में आने पर इसकी सतह पर एल्युमिनियम ऑक्साइड () की एक अत्यंत सूक्ष्म, पारदर्शी एवं निष्क्रिय परत जम जाती है, जो इसे आगे संक्षारण (जंग लगने) से बचाती है।
- मिश्रधातु निर्माण: यह पारा में घुलकर अमलगम बनाती है तथा ताँबा, मैग्नीशियम, मैंगनीज और सिलिकॉन के साथ मिलकर उच्च सामर्थ्य वाली मिश्रधातुएं (जैसे ड्यूरालुमिन) बनाती है।
प्रमुख अनुप्रयोग एवं उपयोग
धात्विक एल्युमिनियम
- विद्युत संचरण: कम लागत और हल्के वजन के कारण उच्च-वोल्टेज विद्युत ट्रांसमिशन लाइनों (ओवरहेड केबल्स) में इसका व्यापक उपयोग होता है।
- परिवहन एवं एयरोस्पेस: अपने उच्च सामर्थ्य-से-वजन अनुपात (Strength-to-weight ratio) के कारण विमानों के ढाँचे, ऑटोमोबाइल, रेलगाड़ियों के डिब्बों, जहाजों और साइकिल के घटकों के निर्माण में प्रयुक्त होता है।
- पैकेजिंग सामग्री: खाद्य पदार्थों, चॉकलेट, दवाओं और सिगरेट को लपेटने के लिए एल्युमिनियम फॉयल तथा शीतल पेय (Soft Drinks) के कैन बनाने में।
- थर्माइट वेल्डिंग: पटरियों को जोड़ने के लिए थर्माइट वेल्डिंग () में अपचायक (Reducing Agent) के रूप में एल्युमिनियम चूर्ण का उपयोग किया जाता है।
- घरेलू उपकरण: खाना पकाने के बर्तन, खिड़की-दरवाजों के फ्रेम, फर्नीचर तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सीडी/डीवीडी में परावर्तक परत के रूप में।
प्रमुख एल्युमिनियम यौगिक
- पोटाश / अमोनियम फिटकरी (Alum): जल शोधन, अपशिष्ट जल उपचार, रंगाई उद्योग में रंग-बंधक (Mordant) तथा कागज उद्योग में।
- एल्युमिनियम हाइड्रोक्साइड (): उदर की अम्लता (Acidity) को कम करने हेतु एंटासिड (Antacid) औषधियों में।
- एल्युमिनियम क्लोरोहाइड्रेट: अत्यधिक पसीने को नियंत्रित करने के लिए एंटीपर्सपिरेंट और डिओडोरेंट में।
- एल्युमिनियम ऑक्साइड कोरंडम (): प्राकृतिक रूप में इसके क्रिस्टल बहुमूल्य रत्न जैसे माणिक्य (Ruby) और नीलम (Sapphire) का निर्माण करते हैं।
स्वास्थ्य संबंधी परिप्रेक्ष्य (अल्ज़ाइमर रोग संदर्भ)
1970 से 1990 के दशकों में कुछ अध्ययनों में एल्युमिनियम के बर्तनों के अत्यधिक उपयोग और अल्ज़ाइमर रोग के बीच संभावित संबंध को लेकर चिंताएं व्यक्त की गई थीं। हालाँकि, आधुनिक व्यापक चिकित्सा और विषैलेपन (Toxicological) अनुसंधानों ने इसके प्रत्यक्ष कारण-संबंध के पुख्ता प्रमाण नहीं पाए हैं, और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार सामान्य उपयोग में यह सुरक्षित माना जाता है।[1]
संदर्भ
- ↑ Ingram, Jay (2015). The End of Memory: A Natural History of Aging and Alzheimer's. Thomas Dunne Books, pp. 215–227. ISBN 978-1-250-07648-9.
