रस्टी-स्पॉटेड कैट (Rusty-spotted Cat)

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रस्टी-स्पॉटेड कैट (Rusty-spotted Cat, वैज्ञानिक नाम: Prionailurus rubiginosus) फेलिडे (Felidae) कुल से संबंधित जंगली बिल्ली की एक दुर्लभ प्रजाति है। यह मुख्य रूप से भारत, श्रीलंका और नेपाल के तराई व शुष्क वन क्षेत्रों में पाई जाती है। अफ्रीका की ब्लैक-फुटेड कैट के साथ मिलकर यह विश्व की सबसे छोटी जंगली बिल्लियों में गिनी जाती है।

शारीरिक विशेषताएँ

रस्टी-स्पॉटेड कैट का आकार एक सामान्य घरेलू बिल्ली के आधे के बराबर होता है:

  • आकार व वजन: इसके शरीर की लंबाई 35 से 48 सेमी (14 से 19 इंच) और वजन मात्र 0.9 से 1.6 किलोग्राम के बीच होता है।
  • त्वचा व फर: इसके शरीर का फर छोटा और भूरा-स्लेटी होता है, जिस पर पीठ और किनारों की ओर जंग के रंग के लाल-भूरे (rusty) धब्बे बने होते हैं।
  • सिर की बनावट: इसके माथे पर छह गहरी धारियां होती हैं जो सिर से पीछे की ओर जाती हैं। इसकी आँखें बड़ी और चेहरे के अनुपात में उभरी हुई होती हैं।

व्यवहार एवं पारिस्थितिकी

मार्जार कुल (बिल्लियों) के शिकारी अपने तेज पंजों, मजबूत जबड़ों और फुर्तीले शरीर के कारण प्रकृति के सबसे कुशल शिकारियों में माने जाते हैं। तेंदुआ जहां वृक्षों पर चढ़ने और बड़े शिकार में माहिर होता है, वहीं यह नन्हीं बिल्ली अपने सूक्ष्म आकार और गतिशीलता के दम पर रात के समय शिकार करती है।

  • यह मुख्य रूप से रात्रिचर (nocturnal) और एकांतप्रिय जीव है।
  • यह अपना अधिकांश समय जमीन पर और पेड़ों की निचली शाखाओं पर बिताती है।
  • इसका मुख्य आहार छोटे कृंतक (चूहे), पक्षी, छिपकलियाँ, मेंढक और बड़े कीट हैं।
  • भारत में यह पूर्वी घाट, पश्चिमी घाट, मध्य भारत के पर्णपाती जंगलों और झाड़ीदार घास के मैदानों में निवास करती है।

खतरे एवं संरक्षण

आवास का नुकसान (वनों की कटाई), कृषि विस्तार और वाहनों की चपेट में आने के कारण इसकी आबादी में निरंतर गिरावट आ रही है।

  • अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) की लाल सूची में इसे "संकट-निकट" (Near Threatened) के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
  • भारतीय वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 के तहत इसे पूर्ण कानूनी संरक्षण प्राप्त है।

संदर्भ (References)


बाहरी कड़ियाँ

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