गिब्बन (Gibbon)

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thumb|240px|लार गिब्बन (Hylobates lar)

गिब्बन (अंग्रेज़ी: Gibbon) हाइलोबैटिडी (Hylobatidae) कुल में शामिल प्राइमेट हैं। इन्हें सामान्यतः छोटे कपि (Lesser apes) कहा जाता है। गिब्बन दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी एशिया के उष्णकटिबंधीय तथा उपोष्णकटिबंधीय वनों में पाए जाते हैं। इनका वितरण भारत से लेकर चीन, इंडोनेशिया और सुमात्रा, बोर्नियो तथा जावा जैसे द्वीपों तक फैला हुआ है।

गिब्बन आकार में महान कपियों की तुलना में छोटे होते हैं, लेकिन संरचनात्मक और व्यवहारिक दृष्टि से कपियों के विशिष्ट गुण प्रदर्शित करते हैं। महान कपियों में मनुष्य, चिंपैंजी, गोरिल्ला और ऑरंगुटान शामिल हैं।

गिब्बन मुख्यतः वृक्षों पर रहते हैं। उनकी लंबी और शक्तिशाली भुजाएँ उन्हें पेड़ों की शाखाओं के बीच तेजी से झूलकर आगे बढ़ने में सहायता करती हैं। इस प्रकार की गति को ब्रैकिएशन (Brachiation) कहा जाता है। वे आवश्यकता पड़ने पर अपने दोनों पैरों पर सीधे खड़े होकर चल भी सकते हैं।

शारीरिक विशेषताएँ

गिब्बन अपेक्षाकृत छोटे आकार के कपि होते हैं। इनके शरीर की तुलना में भुजाएँ बहुत लंबी होती हैं और हाथ मजबूत होते हैं। यह शरीर-रचना वृक्षों के बीच झूलकर चलने के लिए विशेष रूप से अनुकूलित है।

इनके शरीर का रंग प्रजाति और लिंग के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। इनमें हल्के भूरे और सुनहरे रंग से लेकर गहरे भूरे तथा काले रंग तक के बाल पाए जाते हैं।

गिब्बन की सबसे विशिष्ट विशेषताओं में उनकी लंबी भुजाएँ, लचीले कंधे और वृक्षों पर तेज गति से चलने की क्षमता शामिल हैं।

आवास और वितरण

गिब्बन मुख्यतः घने उष्णकटिबंधीय वनों में रहते हैं। वे अपना अधिकांश समय पेड़ों की ऊँची शाखाओं पर बिताते हैं और जमीन पर बहुत कम उतरते हैं।

इनका प्राकृतिक वितरण दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी एशिया के विभिन्न भागों में है। अलग-अलग प्रजातियाँ भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र, चीन के दक्षिणी भाग तथा दक्षिण-पूर्व एशिया के महाद्वीपीय और द्वीपीय क्षेत्रों में पाई जाती हैं।

वनों की कटाई और प्राकृतिक आवास के नष्ट होने से कई गिब्बन प्रजातियों के अस्तित्व पर खतरा उत्पन्न हुआ है।

जीवनशैली और व्यवहार

गिब्बन मुख्यतः वृक्षवासी होते हैं। वे अपने लंबे हाथों की सहायता से एक शाखा से दूसरी शाखा पर झूलते हुए बहुत तेजी से आगे बढ़ते हैं।


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गिब्बन सामान्यतः छोटे पारिवारिक समूहों में रहते हैं। कई प्रजातियाँ नर और मादा की जोड़ी तथा उनकी संतानों से बने समूहों में पाई जाती हैं। वे अपने क्षेत्र की पहचान और अन्य समूहों के साथ संचार के लिए विभिन्न प्रकार की तेज आवाजें निकालते हैं।

गिब्बन की आवाजें दूर तक सुनाई दे सकती हैं और घने जंगल में सामाजिक संपर्क बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

भोजन

गिब्बन मुख्यतः फल, पत्तियाँ, फूल और अन्य वनस्पति पदार्थ खाते हैं। उपलब्धता के अनुसार वे कुछ छोटे अकशेरुकी जीवों का भी सेवन कर सकते हैं।

फल उनके आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। भोजन की तलाश में वे पेड़ों के बीच लगातार घूमते रहते हैं और वनस्पतियों के बीजों को फैलाने में भी योगदान दे सकते हैं।

प्रजनन

गिब्बन में सामान्यतः मादा एक समय में एक बच्चे को जन्म देती है। नवजात बच्चा प्रारंभिक अवस्था में पूरी तरह अपनी माँ पर निर्भर रहता है।

बच्चे अपनी माँ के शरीर से चिपके रहते हैं और धीरे-धीरे पेड़ों पर स्वतंत्र रूप से चलना सीखते हैं। युवा गिब्बन को वयस्क होने और अपने सामाजिक समूह से अलग स्वतंत्र जीवन जीने में कई वर्ष लग सकते हैं।

वर्गीकरण

गिब्बन को हाइलोबैटिडी कुल में रखा जाता है। इस कुल में चार प्रमुख वंश शामिल हैं:

वंश Hylobates

वंश Hoolock

वंश Symphalangus

वंश Nomascus

thumb|300px|right|होमिनोइडिया का वंश-वृक्ष

महान कपियों से अंतर

गिब्बन को छोटे कपि कहा जाता है, जबकि मनुष्य और अन्य बड़े कपियों को महान कपि कहा जाता है। गिब्बन और महान कपियों में कई समानताएँ हैं, लेकिन शरीर के आकार और जीवनशैली में महत्वपूर्ण अंतर पाए जाते हैं।

गिब्बन वृक्षों पर रहने के लिए विशेष रूप से अनुकूलित हैं और उनकी लंबी भुजाएँ उन्हें शाखाओं के बीच झूलने में सक्षम बनाती हैं। वे सामान्यतः छोटे सामाजिक समूहों में रहते हैं और उनका अधिकांश जीवन वृक्षों की ऊँची शाखाओं पर बीतता है।

संरक्षण

गिब्बन की कई प्रजातियाँ आवास-विनाश, वनों की कटाई और अवैध शिकार जैसी समस्याओं से प्रभावित हैं। जंगलों के छोटे-छोटे हिस्सों में बँट जाने से इनके समूहों के बीच संपर्क भी बाधित हो सकता है।

गिब्बन के संरक्षण के लिए प्राकृतिक वनों की रक्षा, संरक्षित क्षेत्रों का विस्तार, अवैध शिकार पर नियंत्रण और उनके प्राकृतिक आवासों को पुनर्स्थापित करना महत्वपूर्ण है।

यह भी देखें

संदर्भ

Template:मूल संदर्भ

वर्ग:स्तनधारी वर्ग:प्राइमेट वर्ग:कपि वर्ग:हाइलोबैटिडी वर्ग:Sciwiki Zoology