पर्पल सनबर्ड (Purple sunbird)
Template:Short description Template:Speciesbox
पर्पल सनबर्ड (Purple sunbird, वैज्ञानिक नाम: Cinnyris asiaticus) शकरखोरा (सनबर्ड) परिवार का एक छोटा पक्षी है। यह अरब प्रायद्वीप के कुछ हिस्सों के साथ-साथ दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी एशिया में पाया जाता है। यह तेज़ और सीधा उड़ता है। यह हमिंगबर्ड (गंजन पक्षी) की तरह हवा में मंडराते हुए फूलों से मकरंद (nectar) चूस सकता है, लेकिन आमतौर पर यह फूलों के आधार पर बैठकर भोजन करता है। इसका मुख्य आहार मकरंद और कीड़े हैं; विशेष रूप से बच्चों को खिलाते समय यह कीड़ों का अधिक शिकार करता है। तेज़ धूप में नर पक्षी पूरी तरह से काले दिखाई दे सकते हैं, लेकिन करीब से या अच्छी रोशनी में देखने पर उनके पंखों पर बैंगनी (purple) रंग की चमक दिखाई देती है। मादा पक्षी ऊपर से जैतून (olive) के रंग की और नीचे से पीले रंग की होती हैं।
विवरण (Description)
पर्पल सनबर्ड की चोंच छोटी और मुड़ी हुई होती है, और पूंछ छोटी, चौकोर व गहरे रंग की होती है। इनमें स्पष्ट यौन द्विरूपता (sexual dimorphism) पाई जाती है। इनकी लंबाई 10 सेमी से कम होती है। इनकी नीचे की ओर मुड़ी हुई चोंच और ब्रश जैसे सिरों वाली ट्यूबलर जीभ मकरंद चूसने में मदद करती है। नर पक्षी का ऊपरी हिस्सा चमकदार धात्विक (metallic) नीले से लेकर बैंगनी-काले रंग का होता है। पंख गहरे भूरे रंग के दिखाई देते हैं। प्रजनन काल (breeding season) में नर का निचला हिस्सा भी इसी बैंगनी-काले रंग का हो जाता है। लेकिन गैर-प्रजनन काल (non-breeding season) में, नर के निचले हिस्से का रंग पीला हो जाता है जिसके बीच में एक काली धारी होती है।[1]
प्रजनन काल के पंखों में नर पक्षी को उसी क्षेत्र में पाए जाने वाले लोटन सनबर्ड (Loten's sunbird) समझने का भ्रम हो सकता है। हालांकि, लोटन सनबर्ड की चोंच लंबी और अधिक मुड़ी हुई होती है; उसमें भौंहों (supercilium) का अभाव होता है; और उसकी छाती पर एक चौड़ी मैरून (maroon) पट्टी होती है।[2]
प्रजनन काल के दौरान नर पक्षी प्रदर्शन (display) करते समय अपनी पीली 'पेक्टोरल टफ्ट्स' (pectoral tufts) को दिखाते हैं। प्रजनन करने वाले नरों के कंधों पर एक चमकदार नीला धब्बा होता है।[3] गर्दन के चारों ओर के पंखों पर मैरून रंग की चमक मुख्य रूप से प्रजनन काल में ही स्पष्ट होती है।[4][5][6][7][8]
मादाएं ऊपरी हिस्से में जैतून-भूरे और निचले हिस्से में पीले रंग की होती हैं। आंख के ऊपर एक पतली भौंह और आंख के पास एक गहरी धारी होती है। गला और छाती पीले होते हैं, जो नीचे की ओर सफेद हो जाते हैं। नर और मादा दोनों के बाहरी पूंछ के पंखों के सिरे सफेद होते हैं।[3]
युवा पक्षी दिखने में मादाओं की तरह होते हैं, लेकिन जैसे-जैसे नर बच्चे बड़े होते हैं, उनके काले पंख निकलने लगते हैं।
ये आमतौर पर जोड़े या छोटे समूहों में देखे जाते हैं, लेकिन उपयुक्त फूलों वाले बगीचों में बड़े झुंड भी जमा हो सकते हैं। ये मुख्य रूप से मकरंद खाते हैं, लेकिन फल और कीड़े भी खाते हैं। कुछ मामलों में 40 से 50 पक्षियों का झुंड देखा गया है।[9]
वितरण और आवास (Distribution and Habitat)
यह प्रजाति पश्चिम एशिया से लेकर भारतीय उपमहाद्वीप और दक्षिण-पूर्व एशिया तक फैली हुई है। ये अपने अधिकांश क्षेत्र में स्थायी निवासी हैं और लंबी दूरी का प्रवास नहीं करते हैं। ये पतले जंगलों, बगीचों और घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों में भी पाए जाते हैं।[3] हालांकि, उत्तर-पश्चिमी भारत और पाकिस्तान के शुष्क क्षेत्रों में स्थानीय प्रवास (local movements) देखा गया है; जहां गर्मियों से पहले ये बड़ी संख्या में दिखाई देते हैं।[10]
मुख्य उपप्रजाति (nominate subspecies) भारत में रेगिस्तानी क्षेत्र के पूर्व में और हिमालय के दक्षिण में फैली हुई है। यह भारत के पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों के साथ-साथ श्रीलंका में भी पाई जाती है। ये मुख्य रूप से मैदानी इलाकों में रहते हैं, लेकिन दक्षिण भारत में 2400 मीटर और हिमालय में 1700 मीटर की ऊंचाई तक देखे जा सकते हैं।
C. a. brevirostris उपप्रजाति अरब प्रायद्वीप के शुष्क क्षेत्रों से लेकर ईरान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और राजस्थान व गुजरात के शुष्क क्षेत्रों तक पाई जाती है। सर्दियों में ये दक्षिण की ओर गोवा के आसपास आ सकते हैं।[11] इस रूप में पीली छाती पर हल्का हरापन भी दिखाई देता है।[4]
C. a. intermedius उपप्रजाति ओडिशा और आंध्र प्रदेश की सीमा से लेकर उत्तर में बांग्लादेश, म्यांमार और इंडोचीन तक पाई जाती है।[12]
पर्पल सनबर्ड के प्रवास को अभी पूरी तरह समझा नहीं गया है। भरतपुर में छल्ले (ring) पहनाया गया एक नर पक्षी लगभग 350 किमी उत्तर में देहरादून में पाया गया था।[9]
व्यवहार और पारिस्थितिकी (Behavior and Ecology)

ये पक्षी बहुत शोर करते हैं और अक्सर गाते या पुकारते रहते हैं। ये उल्लुओं या अन्य शिकारियों पर झुंड में हमला (mobbing) करने में भी आगे रहते हैं। इनका गाना एक तेज गड़गड़ाहट (rattle) के साथ शुरू होता है, जो धातु जैसी खनकती आवाज़ों में बदल जाता है। अन्य आवाज़ों में "च्विट" या "च्विंग" शामिल है। उत्तरी भारत में मुख्य प्रजनन काल मानसून से पहले (अप्रैल से जून) होता है, जबकि श्रीलंका में यह जनवरी से जून तक चलता है।[3]
खाना खाते समय ये अपने पंख फड़फड़ाते हैं।[13] फूलों के पास हवा में मंडराना (hovering) इनके लिए दुर्लभ है; ये आमतौर पर फूल पर बैठकर ही मकरंद पीते हैं। ये पलाश (Butea monosperma),[14] बबूल (Acacia),[15] धवाय (Woodfordia)[16][17], और Dendrophthoe जैसे कई पौधों के परागण (pollination) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।[18]
कभी-कभी ये Hamelia patens जैसे फूलों के आधार को फाड़कर मकरंद चुराते (nectar robbing) हैं।[19] ये पीलू (Salvadora persica) जैसे छोटे फल और कभी-कभी खेती किए गए अंगूर भी खाते हैं।[20][21]
कभी-कभी ये हवा में उड़ते हुए कीड़ों को भी पकड़ते हैं (flycatching)।[22]

प्रणय-निवेदन (courtship display) के दौरान नर पक्षी अपना सिर ऊपर उठाता है, पूंछ फैलाता है, और अपने पंखों को आधा खोलकर फड़फड़ाते हुए पीले 'पेक्टोरल टफ्ट्स' को दिखाता है, और मादा के सामने गाना गाता है।[9]
इनका घोंसला मकड़ी के जाले, बारीक पौधों के रेशों, लाइकेन और छाल के टुकड़ों से बनी एक थैली जैसा होता है। प्रवेश द्वार घोंसले के एक तरफ होता है, जिसके ऊपर छज्जे जैसा एक हिस्सा होता है। घोंसला बनाने का काम लगभग पूरी तरह से मादा ही करती है। वह जाले का उपयोग करके सामग्री को जोड़ती है। घोंसला बनाने में 5 से 10 दिन लग सकते हैं।[23]
श्रीलंका और दक्षिण भारत में, ये कभी-कभी सामाजिक मकड़ी Stegodyphus sarasinorum के जालों को भी संशोधित करके अपना घोंसला बनाते हैं।[24][25]
मादा आमतौर पर दो अंडे देती है।[13][9]
घोंसला अक्सर कम ऊंचाई पर कांटों या टहनियों से लटकाया जाता है,[26] लेकिन कई बार मानव बस्तियों के पास तारों या अन्य कृत्रिम वस्तुओं से भी लटका हुआ पाया जाता है।[27][28] यहां तक कि बिना उपयोग वाले शौचालयों के अंदर भी घोंसला बनाने के मामले देखे गए हैं।[29][30][31]
अंडे केवल मादा ही सेती (incubate) है। बच्चे 15 से 17 दिनों के बाद अंडों से बाहर आते हैं। नर पक्षी बच्चों को खाना खिलाने में मदद करते हैं,[32] लेकिन जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते हैं, मादा अधिक भोजन लाती है।[33] बंदी (captive) अवस्था में सनबर्ड को 22 साल तक जीवित रहते हुए देखा गया है।[34]
-
मादा पक्षी
-
घोंसला
-
पीले पेक्टोरल टफ्ट्स (छाती के पंख) का प्रदर्शन करता नर
संदर्भ (References)
- ↑ A Field Guide to the Birds of South-East Asia.
- ↑ Grimmett, Richard; Inskipp, Carol; Inskipp, Tim (2016). "Birds of the Indian Subcontinent" (2nd ed.). Christopher Helm. pp. 454-455.
- ↑ 3.0 3.1 3.2 3.3 Rasmussen, P.C.; Anderton, J.C. (2005). "Birds of South Asia: The Ripley Guide". Vol. 2. Smithsonian Institution & Lynx Edicions. p. 548.
- ↑ 4.0 4.1 Gadow, H. (1884). "Catalogue of the birds in the British Museum". Vol. 9. British Museum. pp. 56–60.
- ↑ Ticehurst, C.B. (1918). "The plumage of the Purple Honeysucker Arachnecthra asiatica". Journal of the Bombay Natural History Society. 26 (1): 286–287.
- ↑ Dewar, Douglas (1906). "The plumage of the cock Purple Honeysucker (Arachnecthra asiatica) A query?". Journal of the Bombay Natural History Society. 17 (2): 540–541.
- ↑ Dewar, D. (1911). "Indian Sunbirds". Journal of the Foreign Bird Club: 129–134.
- ↑ Finn, F. (1898). "Note on the seasonal change of plumage in the males of the Purple Honeysucker". Journal of the Asiatic Society of Bengal. 67 (2): 64–66.
- ↑ 9.0 9.1 9.2 9.3 Ali, S.; Ripley, S.D. (1999). "Handbook of the birds of India and Pakistan". Vol. 10 (2nd ed.). Oxford University Press. pp. 34–39.
- ↑ Dewar, D. (1908). "Local bird-migration in India". Journal of the Bombay Natural History Society. 18 (2): 343–356.
- ↑ Koelz, W. (1942). "Notes on the birds of the Londa neighbourhood, Bombay Presidency". Journal of the Bombay Natural History Society. 43 (1): 11–38.
- ↑ Majumdar, N. (1980). "Occurrence of the Bengal Black Robin... and the Assam Purple Sunbird... in Orissa State". Journal of the Bombay Natural History Society. 77 (2): 334.
- ↑ 13.0 13.1 Jerdon, T.C. (1862). "The Birds of India". Vol. 1. Military Orphan Press. pp. 370–372.
- ↑ Tandon, R.; Shivanna, K.R.; Mohan Ram, H.Y. (2003). "Reproductive Biology of Butea monosperma (Fabaceae)". Annals of Botany. 92 (5): 715–723.
- ↑ Stone, G.N. et al. (2003). "Pollination ecology of acacias (Fabaceae, Mimosoideae)". Australian Systematic Botany. 16: 103–118.
- ↑ Raju, A.J.S. (2005). "Passerine bird pollination and seed dispersal in Woodfordia floribunda Salisb". Ornithological Science. 4 (2): 103–108.
- ↑ Raju, A.J.S. et al. (2004). "Bird-pollination in Sterculia colorata Roxb". Current Science. 87 (1): 28–31.
- ↑ Rahman, M.M.; Baksha, M.W.; Sterringa, J.T. (1993). "Ethological observations of the purple sunbird... a mistletoe-frequenting bird". Indian Forester. 119 (5): 388–394.
- ↑ Ede, J.A.M. (1945). "Sunbirds and flowers". Journal of the Bombay Natural History Society. 45 (2): 234.
- ↑ Hoffmann, T. W. (1993). "Fruit eating by Sunbirds of the Genus Nectarinia in Sri Lanka". Journal of the Bombay Natural History Society. 90 (2): 291–292.
- ↑ Sharma, S.; Kashyap, R.K. (1999). "Purple Sunbird Nectarinia asiatica (Latham) – a new pest of grapes...". Journal of the Bombay Natural History Society. 96 (2): 322.
- ↑ Nair, M. V. (1994). "Flycatching by Sunbirds Nectarinia asiatica (Latham)". Journal of the Bombay Natural History Society. 91 (3): 457.
- ↑ George, J. (1958). "Nest construction technique of the Purple Sunbird". Journal of the Bombay Natural History Society. 55 (3): 420–428.
- ↑ George, J., ed. (1994). "Annotated checklist of the birds of Bangalore". Birdwatchers' Field Club of Bangalore.
- ↑ Singh, B. (1963). "The nesting habits of the purple sunbird". Newsletter for Birders. 3 (6): 3.
- ↑ Whistler, H. (1949). "Popular Handbook of Indian Birds" (4th ed.). Gurney & Jackson. pp. 268–270.
- ↑ Shipp, W.E. (1922). "Curious nesting site chosen by the Purple Honey Sucker...". Journal of the Bombay Natural History Society. 28 (4): 1136.
- ↑ Sangha, Harkirat S. (1999). "An unusual nesting site of Nectarinia asiatica". Journal of the Bombay Natural History Society. 96 (3): 475.
- ↑ Rahmani, Asad R.; Sankaran, Ravi (1990). "An unusual nesting site of the sunbird". Journal of the Bombay Natural History Society. 87 (1): 148–149.
- ↑ Munidasa, K.G.H. (1969). "Unusual nesting site of the Purple Sunbird...". Journal of the Bombay Natural History Society. 66 (1): 169–171.
- ↑ George, J. (1957). "A Sunbird's unusual nesting site". Journal of the Bombay Natural History Society. 54 (4): 943–944.
- ↑ Ghadirian, T.; Qashqaei, A.T.; Dadras, M. (2007). "Notes on Feeding and Breeding Habits of the Purple Sunbird... in Bandar Abbas, Southern Iran". Podoces. 2 (2): 122–126.
- ↑ Sethi, V.K.; Bhatt, D.; Kumar, A. (2010). "On the patterns of parental provisioning by the Purple Sunbird Nectarinia asiatica". The Sunbird. 40 (2): 39–47.
- ↑ Flower, S. S. (1938). "Further Notes on the Duration of Life in Animals.-IV. Birds". Proceedings of the Zoological Society of London, Series A. A108 (2): 195–235.
बाहरी कड़ियाँ
विकिमीडिया कॉमन्स पर पर्पल सनबर्ड से सम्बन्धित मीडिया उपलब्ध है।
विकिस्पीशीज़ पर Cinnyris asiaticus से सम्बन्धित प्रामाणिक जानकारी उपलब्ध है।
श्रेणी:जंतु विज्ञान श्रेणी:पक्षी विज्ञान श्रेणी:सिन्नीरिस (Cinnyris) श्रेणी:दक्षिण एशिया के पक्षी श्रेणी:इंडोचीन के पक्षी श्रेणी:मध्य पूर्व के पक्षी श्रेणी:अरब प्रायद्वीप के पक्षी श्रेणी:युन्नान के पक्षी श्रेणी:1790 में वर्णित पक्षी
