पिपेरिन (Piperine): Difference between revisions
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== इतिहास == | == इतिहास == | ||
पिपेरिन नामक इस एल्कलॉइड की खोज और निष्कर्षण सबसे पहले 1819 में डेनिश रसायनज्ञ हैंस क्रिश्चियन ओर्स्टेड (Hans Christian Ørsted) ने काली मिर्च से किया था।<ref>{{ | पिपेरिन नामक इस एल्कलॉइड की खोज और निष्कर्षण सबसे पहले 1819 में डेनिश रसायनज्ञ हैंस क्रिश्चियन ओर्स्टेड (Hans Christian Ørsted) ने काली मिर्च से किया था।<ref>{{cite book|url=https://link.springer.com/chapter/10.1007/978-3-030-54027-2_22|title=Piperine: Sources, Properties, Applications, and Biotechnological Production|publisher=Springer|access-date=2024-02-02}}</ref><ref name=henry>{{cite book|last=Henry|first=Thomas Anderson|date=1949|edition=4th|title=The Plant Alkaloids|publisher=The Blakiston Company|pages=1-2|chapter=Piperine}}</ref> | ||
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== पिपेरिन का उत्पादन और निष्कर्षण == | == पिपेरिन का उत्पादन और निष्कर्षण == | ||
पानी में इसकी कम घुलनशीलता के कारण, पिपेरिन को आमतौर पर काली मिर्च से डाइक्लोरोमीथेन (dichloromethane) जैसे कार्बनिक विलायकों (organic solvents) का उपयोग करके निकाला जाता है।<ref>{{cite journal | title = Isolation of Piperine from Black Pepper | url = https://archive.org/details/sim_journal-of-chemical-education_1993-07_70_7/page/598 | last1 = Epstein | first1 = William W. | last2 = Netz | first2 = David F. | last3 = Seidel | first3 = Jimmy L. | year = 1993 | volume = 70 | pages = 598 | journal = | पानी में इसकी कम घुलनशीलता के कारण, पिपेरिन को आमतौर पर काली मिर्च से डाइक्लोरोमीथेन (dichloromethane) जैसे कार्बनिक विलायकों (organic solvents) का उपयोग करके निकाला जाता है।<ref>{{cite journal|title=Isolation of Piperine from Black Pepper|url=https://archive.org/details/sim_journal-of-chemical-education_1993-07_70_7/page/598|last1=Epstein|first1=William W.|last2=Netz|first2=David F.|last3=Seidel|first3=Jimmy L.|year=1993|volume=70|pages=598|journal=J. Chem. Educ.|doi=10.1021/ed070p598|issue=7|bibcode=1993JChEd..70..598E}}</ref> काली मिर्च में पिपेरिन के चार आइसोमेरिक रूप होते हैं: ट्रांस-ट्रांस आइसोमर (1, पिपेरिन), सिस-ट्रांस आइसोमर (2, आइसोपिपेरिन), सिस-सिस आइसोमर (3, चाविसिन), और ट्रांस-सिस आइसोमर (4, आइसोचाविसिन)। | ||
पिपेरिन पर बाद में किए गए शोधों में काली मिर्च के अर्क में कुछ अन्य एल्कलॉइड्स की भी पहचान की गई, जिनमें पिपेरनाइन (piperanine), पिपेरेटिन (piperettine), पिपेरिलिन ए (piperylin A), पिपेरोलिन बी (piperolein B) और पिपेरिसिन (pipericines) शामिल हैं।<ref name=pepper>{{ | पिपेरिन पर बाद में किए गए शोधों में काली मिर्च के अर्क में कुछ अन्य एल्कलॉइड्स की भी पहचान की गई, जिनमें पिपेरनाइन (piperanine), पिपेरेटिन (piperettine), पिपेरिलिन ए (piperylin A), पिपेरोलिन बी (piperolein B) और पिपेरिसिन (pipericines) शामिल हैं।<ref name=pepper>{{cite journal|url=https://www.sciencedirect.com/science/article/pii/S2590098620300142|title=Piperine|journal=ScienceDirect|access-date=2024-02-02}}</ref> | ||
औद्योगिक स्तर पर, इसे इथेनॉल और ग्लेशियल एसिटिक एसिड का उपयोग करके कच्चे पिपेरिन के रूप में निकाला जाता है, जिसे बाद में विभिन्न रासायनिक प्रक्रियाओं द्वारा शुद्ध किया जाता है।<ref name=pepper/> | औद्योगिक स्तर पर, इसे इथेनॉल और ग्लेशियल एसिटिक एसिड का उपयोग करके कच्चे पिपेरिन के रूप में निकाला जाता है, जिसे बाद में विभिन्न रासायनिक प्रक्रियाओं द्वारा शुद्ध किया जाता है।<ref name=pepper/> | ||
== भौतिक गुण == | == भौतिक गुण == | ||
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== पिपेरिन के उपयोग == | == पिपेरिन के उपयोग == | ||
1. पिपेरिन में कई औषधीय गुण और स्वास्थ्य लाभ हैं। यह विशेष रूप से पुरानी बीमारियों के खिलाफ प्रभावी है। इसमें इंसुलिन-प्रतिरोध (insulin-resistance) को कम करने, सूजन-रोधी (anti-inflammatory) गुण और हेपेटिक स्टीटोसिस (फैटी लिवर) को कम करने की क्षमता होती है।<ref>{{ | 1. पिपेरिन में कई औषधीय गुण और स्वास्थ्य लाभ हैं। यह विशेष रूप से पुरानी बीमारियों के खिलाफ प्रभावी है। इसमें इंसुलिन-प्रतिरोध (insulin-resistance) को कम करने, सूजन-रोधी (anti-inflammatory) गुण और हेपेटिक स्टीटोसिस (फैटी लिवर) को कम करने की क्षमता होती है।<ref>{{cite journal|url=https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/27671817/|title=Piperine and Its Role in Chronic Diseases|journal=PubMed|access-date=2024-02-02}}</ref> | ||
2. पिपेरिन एक प्रकार का एमाइड एल्कलॉइड (amide alkaloid) है जो प्लियोट्रोपिक (pleiotropic) गुण प्रदर्शित करता है। यह एंटीऑक्सीडेंट, कैंसर-रोधी (anticancer), उच्च रक्तचाप-रोधी (antihypertensive), हेपेटोप्रोटेक्टिव (लिवर की रक्षा करने वाला), और न्यूरोप्रोटेक्टिव के रूप में कार्य करता है। सबसे महत्वपूर्ण बात, यह अन्य पोषक तत्वों और औषधियों की जैव-उपलब्धता (bioavailability) को काफी बढ़ा देता है।<ref>{{ | 2. पिपेरिन एक प्रकार का एमाइड एल्कलॉइड (amide alkaloid) है जो प्लियोट्रोपिक (pleiotropic) गुण प्रदर्शित करता है। यह एंटीऑक्सीडेंट, कैंसर-रोधी (anticancer), उच्च रक्तचाप-रोधी (antihypertensive), हेपेटोप्रोटेक्टिव (लिवर की रक्षा करने वाला), और न्यूरोप्रोटेक्टिव के रूप में कार्य करता है। सबसे महत्वपूर्ण बात, यह अन्य पोषक तत्वों और औषधियों की जैव-उपलब्धता (bioavailability) को काफी बढ़ा देता है।<ref>{{cite journal|url=https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC8796742/|title=Molecular and pharmacological aspects of piperine|journal=PMC|access-date=2024-02-02}}</ref> | ||
== इन्हें भी देखें == | == इन्हें भी देखें == | ||
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पिपेरिन (Piperine) एक एल्कलॉइड (alkaloid) है, जिसे मुख्य रूप से काली मिर्च (Piper nigrum) से प्राप्त किया जाता है। काली मिर्च की तीखी गंध और तीखा स्वाद मुख्य रूप से इसी पिपेरिन के कारण होता है। यह पानी में बहुत कम घुलनशील है, लेकिन अल्कोहल, क्लोरोफॉर्म और ईथर में आसानी से घुल जाता है। पारंपरिक औषधियों में पिपेरिन के उपयोग का एक लंबा इतिहास रहा है और आधुनिक हर्बल चिकित्सा में भी इसका व्यावसायिक उपयोग किया जाता है। पिपेरिन के तीन मुख्य समावयवी (isomers) हैं: चाविसिन (chavicine), आइसोचाविसिन (isochavicine), और आइसोपिपेरिन (isopiperine)। इसके अलावा पिपेरनाइन (पिपेरिन का डायहाइड्रो रूप) भी काली मिर्च में पाया जाता है।[1]
काली मिर्च में पिपेरिन की मात्रा 2% से 7.4% तक होती है। यह मात्रा पौधे की किस्म, मिट्टी की प्रकृति और जलवायु परिस्थितियों के आधार पर भिन्न हो सकती है।[2]
इतिहास
पिपेरिन नामक इस एल्कलॉइड की खोज और निष्कर्षण सबसे पहले 1819 में डेनिश रसायनज्ञ हैंस क्रिश्चियन ओर्स्टेड (Hans Christian Ørsted) ने काली मिर्च से किया था।[3][4]
पिपेरिन का उत्पादन और निष्कर्षण
पानी में इसकी कम घुलनशीलता के कारण, पिपेरिन को आमतौर पर काली मिर्च से डाइक्लोरोमीथेन (dichloromethane) जैसे कार्बनिक विलायकों (organic solvents) का उपयोग करके निकाला जाता है।[5] काली मिर्च में पिपेरिन के चार आइसोमेरिक रूप होते हैं: ट्रांस-ट्रांस आइसोमर (1, पिपेरिन), सिस-ट्रांस आइसोमर (2, आइसोपिपेरिन), सिस-सिस आइसोमर (3, चाविसिन), और ट्रांस-सिस आइसोमर (4, आइसोचाविसिन)।
पिपेरिन पर बाद में किए गए शोधों में काली मिर्च के अर्क में कुछ अन्य एल्कलॉइड्स की भी पहचान की गई, जिनमें पिपेरनाइन (piperanine), पिपेरेटिन (piperettine), पिपेरिलिन ए (piperylin A), पिपेरोलिन बी (piperolein B) और पिपेरिसिन (pipericines) शामिल हैं।[6] औद्योगिक स्तर पर, इसे इथेनॉल और ग्लेशियल एसिटिक एसिड का उपयोग करके कच्चे पिपेरिन के रूप में निकाला जाता है, जिसे बाद में विभिन्न रासायनिक प्रक्रियाओं द्वारा शुद्ध किया जाता है।[6]
भौतिक गुण
पिपेरिन एक ठोस पदार्थ है। यद्यपि प्राकृतिक रूप से यह एक रंगहीन या सफेद क्रिस्टलीय ठोस है, लेकिन अक्सर यह हल्के पीले रंग का दिखाई देता है।[7]
भौतिक गुणों की तालिका:[7]
| क्रमांक | गुण | मान |
|---|---|---|
| 1 | रासायनिक सूत्र | Template:Chem2 |
| 2 | आणविक भार | 285.34 ग्राम/मोल |
| 3 | गलनांक (Melting Point) | 129 - 130 °C |
| 4 | वाष्प दबाव (Vapor Pressure) | 0.00000013 mmHg |
| 5 | घनत्व (Density) | 1.193 ग्राम/सेमी³ |
| 6 | क्वथनांक (Boiling Point) | विघटित होता है |
| 7 | विलेयता (Solubility) | इथेनॉल और ईथर में अत्यधिक घुलनशील |
| 8 | पानी में घुलनशीलता | 0.04 mg/mL (18 °C पर) |
रासायनिक गुण
पिपेरिन को एक क्षार (base) का उपयोग करके पिपेरिडीन (piperidine) और पिपेरिक एसिड (piperic acid) में जल-अपघटित (hydrolyzed) किया जा सकता है।[4]
पिपेरिन के उपयोग
1. पिपेरिन में कई औषधीय गुण और स्वास्थ्य लाभ हैं। यह विशेष रूप से पुरानी बीमारियों के खिलाफ प्रभावी है। इसमें इंसुलिन-प्रतिरोध (insulin-resistance) को कम करने, सूजन-रोधी (anti-inflammatory) गुण और हेपेटिक स्टीटोसिस (फैटी लिवर) को कम करने की क्षमता होती है।[8]
2. पिपेरिन एक प्रकार का एमाइड एल्कलॉइड (amide alkaloid) है जो प्लियोट्रोपिक (pleiotropic) गुण प्रदर्शित करता है। यह एंटीऑक्सीडेंट, कैंसर-रोधी (anticancer), उच्च रक्तचाप-रोधी (antihypertensive), हेपेटोप्रोटेक्टिव (लिवर की रक्षा करने वाला), और न्यूरोप्रोटेक्टिव के रूप में कार्य करता है। सबसे महत्वपूर्ण बात, यह अन्य पोषक तत्वों और औषधियों की जैव-उपलब्धता (bioavailability) को काफी बढ़ा देता है।[9]
इन्हें भी देखें
- काली मिर्च
- करक्यूमिन (Curcumin)
संदर्भ
श्रेणी:रसायन विज्ञान श्रेणी:रासायनिक यौगिक श्रेणी:कार्बनिक यौगिक श्रेणी:एल्कलॉइड श्रेणी:औषधीय पौधे श्रेणी:SciWiki Chemistry
