ज़ीब्रा: Difference between revisions

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मैदानी ज़ीब्रा (Equus quagga)

ज़ीब्रा (अंग्रेज़ी: Zebra) अश्वकुल (Equidae) के Equus वंश में शामिल अफ्रीकी स्तनधारी हैं। इन्हें इनके शरीर पर पाए जाने वाले विशिष्ट काले और सफेद धारियों वाले चिह्नों के कारण आसानी से पहचाना जाता है। ज़ीब्रा घोड़ों और गधों के निकट संबंधी हैं, लेकिन इनके शरीर पर धारियों का विशिष्ट पैटर्न इन्हें उनसे अलग पहचान देता है।

ज़ीब्रा मुख्यतः अफ्रीका के घास के मैदानों, सवाना और कुछ पर्वतीय क्षेत्रों में पाए जाते हैं। ये शाकाहारी होते हैं और मुख्य रूप से घास खाते हैं। ज़ीब्रा सामाजिक प्राणी हैं तथा कई प्रजातियाँ झुंडों में रहती हैं।

नाम

ज़ीब्रा का अंग्रेज़ी नाम Zebra है। हिंदी में इसे सामान्यतः ज़ीब्रा कहा जाता है। कुछ भारतीय भाषाओं में इसके लिए घोड़े के समान रूप और धारियों के कारण स्थानीय नाम भी प्रयुक्त होते हैं।

ज़ीब्रा का संबंध घोड़े और गधे से है, लेकिन यह केवल घोड़े की किसी जंगली प्रजाति का दूसरा नाम नहीं है। ज़ीब्रा की तीन जीवित प्रजातियाँ Equus वंश में अलग-अलग प्रजातियों के रूप में वर्गीकृत हैं।

शारीरिक विशेषताएँ

ज़ीब्रा का शरीर सामान्यतः घोड़े के समान होता है। इनके चारों पैरों के अंत में एक-एक कठोर खुर होता है। इनके कान बड़े और गतिशील होते हैं, जिससे वे आसपास की ध्वनियों को सुन सकते हैं।

इनकी सबसे प्रमुख विशेषता शरीर पर मौजूद काली और सफेद धारियाँ हैं। प्रत्येक ज़ीब्रा की धारियों का पैटर्न अलग होता है और यह अलग-अलग व्यक्तियों की पहचान में उपयोगी हो सकता है।

ग्रेवी का ज़ीब्रा (Equus grevyi)

धारियों के कार्य के संबंध में वैज्ञानिकों ने कई संभावित व्याख्याएँ दी हैं। इनमें सामाजिक पहचान, दृश्य भ्रम तथा रक्त चूसने वाली मक्खियों से बचाव जैसी परिकल्पनाएँ शामिल हैं। धारियों का एकमात्र निश्चित कार्य अभी पूरी तरह स्थापित नहीं माना जाता।

आवास

ज़ीब्रा मुख्यतः अफ्रीका में पाए जाते हैं। इनके आवास में निम्नलिखित क्षेत्र शामिल हैं:

  • घास के मैदान
  • सवाना
  • खुले झाड़ीदार क्षेत्र
  • अर्ध-शुष्क क्षेत्र
  • पर्वतीय घासभूमियाँ

मैदानी ज़ीब्रा खुले घास के मैदानों और सवाना में अधिक पाए जाते हैं, जबकि पर्वतीय ज़ीब्रा चट्टानी और पर्वतीय क्षेत्रों में पाए जाते हैं। ग्रेवी का ज़ीब्रा अपेक्षाकृत शुष्क घासभूमियों और झाड़ीदार क्षेत्रों में भी पाया जाता है।

भोजन

ज़ीब्रा शाकाहारी होते हैं। इनके भोजन का मुख्य भाग घास होता है। भोजन की उपलब्धता के अनुसार ये अन्य वनस्पतियों, पत्तियों और झाड़ियों के कुछ भागों का भी सेवन कर सकते हैं।

मैदानी ज़ीब्रा लंबे समय तक चरने के लिए अनुकूलित होते हैं और घास के मैदानों में चराई करने वाले प्रमुख बड़े शाकाहारी जीवों में शामिल हैं।

सामाजिक व्यवहार

ज़ीब्रा सामाजिक प्राणी हैं और कई प्रजातियाँ समूहों में रहती हैं। समूह की संरचना प्रजाति के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

मैदानी ज़ीब्रा में एक नर, कई मादाओं और उनके बच्चों से बने पारिवारिक समूह पाए जाते हैं। ऐसे कई समूह एक बड़े झुंड में भी एकत्रित हो सकते हैं।

झुंड में रहने से शिकारियों पर निगरानी रखना आसान हो जाता है। सिंह, चित्तीदार लकड़बग्घा, अफ्रीकी जंगली कुत्ता और कुछ अन्य शिकारी ज़ीब्रा का शिकार करते हैं।

प्रजातियाँ

वर्तमान में ज़ीब्रा की तीन प्रमुख जीवित प्रजातियाँ मानी जाती हैं:

मैदानी ज़ीब्रा

मैदानी ज़ीब्रा (Equus quagga)

मैदानी ज़ीब्रा (Plains zebra; Equus quagga) ज़ीब्रा की सबसे व्यापक रूप से वितरित प्रजाति है। यह पूर्वी और दक्षिणी अफ्रीका के अनेक भागों में पाया जाता है। इसकी धारियाँ सामान्यतः पर्वतीय ज़ीब्रा की तुलना में चौड़ी होती हैं।

इस प्रजाति को ऐतिहासिक रूप से कई उपप्रजातियों में विभाजित किया गया है। विलुप्त क्वाग्गा (Equus quagga quagga) को पहले अलग प्रजाति माना जाता था, लेकिन आधुनिक आनुवंशिक अध्ययनों के आधार पर इसे मैदानी ज़ीब्रा की विलुप्त उपप्रजाति माना जाता है।

पर्वतीय ज़ीब्रा

File:Cape mountain zebra.jpg
केप पर्वतीय ज़ीब्रा (Equus zebra)

पर्वतीय ज़ीब्रा (Mountain zebra; Equus zebra) दक्षिण-पश्चिमी अफ्रीका के पर्वतीय और चट्टानी क्षेत्रों में पाया जाता है। यह मैदानी ज़ीब्रा से आकार और धारियों के पैटर्न में अलग होता है।

इसके शरीर पर धारियाँ अपेक्षाकृत संकरी होती हैं और पेट के निचले भाग पर सामान्यतः कम धारियाँ दिखाई देती हैं। इसके दो प्रमुख उपसमूहों में केप पर्वतीय ज़ीब्रा और हार्टमैन का पर्वतीय ज़ीब्रा शामिल हैं।

ग्रेवी का ज़ीब्रा

ग्रेवी का ज़ीब्रा (Equus grevyi)

ग्रेवी का ज़ीब्रा (Grévy's zebra; Equus grevyi) ज़ीब्रा की सबसे बड़ी जीवित प्रजाति है। यह मुख्यतः केन्या और इथियोपिया के कुछ भागों में पाया जाता है।

इसके कान बड़े होते हैं और शरीर पर अन्य ज़ीब्रा की तुलना में अधिक पतली एवं घनी धारियाँ होती हैं। यह अपेक्षाकृत शुष्क वातावरण में रहने के लिए अनुकूलित है।

प्रजनन

ज़ीब्रा में लैंगिक प्रजनन होता है। मादा सामान्यतः एक बच्चे को जन्म देती है, जिसे फॉल (foal) कहा जाता है। जन्म के कुछ समय बाद बच्चा खड़ा होने और चलने में सक्षम हो जाता है।

मादा अपने बच्चे को दूध पिलाती है और उसकी सुरक्षा तथा भोजन प्राप्त करने में सहायता करती है। बच्चों के जीवित रहने में झुंड का सामाजिक व्यवहार भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

गति और रक्षा

ज़ीब्रा तेज़ दौड़ने में सक्षम होते हैं। शिकारी से बचने के लिए वे तेज़ी से दौड़ सकते हैं और अचानक दिशा बदल सकते हैं। इनके शक्तिशाली पिछले पैर शिकारियों के विरुद्ध प्रभावी लात मारने में भी सक्षम होते हैं।

झुंड में रहने से शिकारियों का पता लगाने में भी सहायता मिलती है, क्योंकि कई सदस्य एक साथ आसपास के क्षेत्र पर निगरानी रख सकते हैं।

संरक्षण

ज़ीब्रा की संरक्षण स्थिति प्रजाति के अनुसार अलग-अलग है। मैदानी ज़ीब्रा की कुल संख्या अन्य ज़ीब्रा प्रजातियों की तुलना में अधिक है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में आवास का नुकसान, शिकार और पशुधन के साथ चरागाह एवं जल संसाधनों के लिए प्रतिस्पर्धा इसके लिए खतरे हैं।

ग्रेवी के ज़ीब्रा और पर्वतीय ज़ीब्रा की संरक्षण संबंधी चिंताएँ अधिक गंभीर हैं। इनके प्राकृतिक आवास का सिकुड़ना, जल की उपलब्धता में परिवर्तन और मानव गतिविधियों का विस्तार इनके लिए महत्वपूर्ण खतरे हैं।

विलुप्त क्वाग्गा

क्वाग्गा (Quagga; Equus quagga quagga) मैदानी ज़ीब्रा की एक विलुप्त उपप्रजाति थी। यह दक्षिण अफ्रीका में पाई जाती थी और इसके शरीर के आगे के भाग पर धारियाँ अधिक स्पष्ट थीं, जबकि पिछले भाग पर धारियाँ बहुत कम या लगभग अनुपस्थित थीं।

अत्यधिक शिकार के कारण 19वीं शताब्दी में इसकी संख्या तेजी से घट गई और अंतिम ज्ञात जीव 1883 में बंदी अवस्था में मर गया।

मनुष्य और ज़ीब्रा

ज़ीब्रा अफ्रीकी पारिस्थितिक तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ये घास खाने वाले बड़े शाकाहारी जीवों में शामिल हैं और इनके चरने से घासभूमि के पारिस्थितिक तंत्र पर प्रभाव पड़ता है।

ज़ीब्रा अफ्रीका के वन्यजीव पर्यटन का भी महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। राष्ट्रीय उद्यानों और संरक्षित क्षेत्रों में इन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक जाते हैं।

यह भी देखें

संदर्भ

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बाहरी कड़ियाँ

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