मुक्त पतन (Free Fall)
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जब कोई वस्तु केवल गुरुत्वाकर्षण बल के प्रभाव में किसी ऊँचाई से नीचे गिरती है, तो उसकी इस गति को मुक्त पतन (Free Fall) कहते हैं।
यदि किसी वस्तु को प्रारंभिक विरामावस्था से छोड़ा जाए, तो उसका प्रारंभिक वेग शून्य () होता है। पृथ्वी के गुरुत्वीय क्षेत्र में नीचे गिरते समय इसके वेग में प्रति सेकंड लगभग की दर से निरंतर वृद्धि होती है। वेग में इस सतत वृद्धि के कारण उत्पन्न त्वरण को गुरुत्वीय त्वरण () कहा जाता है, जिसे अधोमुखी (नीचे की ओर) गति के लिए धनात्मक () लिया जाता है।
वास्तविक वायुमंडल में गिरती हुई वस्तु पर वायु का घर्षण (कर्षण बल) तथा उत्प्लावन बल भी कार्य करते हैं, जिससे गति में आंशिक अवरोध उत्पन्न होता है। अतः पूर्णतः आदर्श मुक्त पतन केवल निर्वात (Vacuum) में ही संभव होता है।
मुक्त पतन के गति समीकरण
किसी ऊँचाई से स्वतंत्रतापूर्वक नीचे गिरती वस्तु के लिए:
- प्रारंभिक वेग () =
- त्वरण () =
- तय की गई दूरी () =
मानक गति समीकरणों के आधार पर मुक्त पतन के समीकरण निम्नलिखित हैं:
पतन काल (Time of Descent)
अधिकतम ऊँचाई से धरातल तक पहुँचने में लगने वाला समय (पतन काल, ):
धरातल से टकराते समय वस्तु का अंतिम वेग:
ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर फेंकी गई वस्तु की गति
जब किसी वस्तु को प्रारंभिक वेग के साथ ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर प्रक्षेपित किया जाता है, तो गुरुत्वीय त्वरण उसकी गति की दिशा के विपरीत कार्य करता है। अतः यहाँ त्वरण ऋणात्मक () लिया जाता है, जिससे वस्तु का वेग लगातार घटता जाता है और उच्चतम बिंदु पर पहुँचकर शून्य () हो जाता है।
ऊपर की ओर गति के समीकरण:
महत्तम ऊँचाई एवं आरोहण काल
- अधिकतम प्राप्त ऊँचाई ():
- आरोहण काल (Time of Ascent, ): उच्चतम बिंदु तक पहुँचने में लगा समय:
- उड्डयन काल (Time of Flight, ): निर्वात में ऊपर जाने और वापस लौटने का कुल समय:
