चूहा (Mouse)

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thumb|250px|वुड माउस (Apodemus sylvaticus)

चूहा (अंग्रेज़ी: Mouse; बहुवचन: Mice) छोटे स्तनधारी जीव हैं, जिन्हें सामान्यतः कृंतक गण के अंतर्गत रखा जाता है। सामान्य घरेलू चूहे का वैज्ञानिक नाम Mus musculus है। चूहे विभिन्न प्रकार के वातावरण में पाए जाते हैं और कुछ प्रजातियाँ मनुष्यों के आवासों के आसपास भी रहती हैं।

चूहे सामान्यतः छोटे आकार, नुकीले थूथन, बड़े कान, लंबी पूँछ और लगातार बढ़ने वाले कृंतक दाँतों के लिए जाने जाते हैं। इनके दाँतों की विशेष बनावट उन्हें कठोर पदार्थों और भोजन को कुतरने में सक्षम बनाती है।

चूहे अनेक पारिस्थितिक तंत्रों का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। वे विभिन्न पौधों और अन्य खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं तथा स्वयं साँप, उल्लू, बिल्ली, लोमड़ी और अन्य शिकारी जीवों के भोजन का हिस्सा बनते हैं।

शारीरिक विशेषताएँ

चूहों का शरीर सामान्यतः छोटा और हल्का होता है। इनके शरीर पर मुलायम बाल होते हैं और अधिकांश प्रजातियों की पूँछ शरीर की तुलना में काफी लंबी होती है। इनके आगे के पैर छोटे और पिछले पैर अपेक्षाकृत लंबे होते हैं।

चूहों में चार प्रमुख कृंतक दाँत होते हैं। ये दाँत लगातार बढ़ते रहते हैं, इसलिए चूहों को उन्हें घिसते रहने के लिए विभिन्न वस्तुओं को कुतरना पड़ता है।

चूहों की कई प्रजातियाँ मुख्यतः रात में सक्रिय होती हैं। इनके विकसित श्रवण और घ्राण इंद्रियाँ उन्हें अंधेरे में भोजन तथा संभावित खतरों का पता लगाने में सहायता करती हैं।

आवास और जीवनशैली

चूहे जंगलों, घासभूमियों, कृषि क्षेत्रों, पर्वतीय क्षेत्रों और मानव बस्तियों सहित अनेक प्रकार के वातावरण में पाए जाते हैं। कुछ प्रजातियाँ मनुष्यों के घरों, गोदामों और कृषि क्षेत्रों के आसपास रहने के लिए विशेष रूप से अनुकूलित हो गई हैं।

चूहे भोजन की उपलब्धता और सुरक्षा के आधार पर अपने रहने के लिए बिल, दरारों, घोंसलों तथा अन्य छिपे हुए स्थानों का उपयोग करते हैं।

अधिकांश चूहे सर्वाहारी या मुख्यतः शाकाहारी प्रवृत्ति के होते हैं। वे बीज, अनाज, फल, वनस्पति और उपलब्ध अन्य खाद्य पदार्थ खा सकते हैं। कुछ प्रजातियाँ छोटे अकशेरुकी जीवों का भी सेवन करती हैं।

प्रजनन

चूहों में प्रजनन की दर अपेक्षाकृत अधिक होती है। अनुकूल परिस्थितियों में मादा एक वर्ष में कई बार बच्चे पैदा कर सकती है। गर्भावधि प्रजाति के अनुसार अलग-अलग होती है, लेकिन घरेलू चूहे में यह लगभग तीन सप्ताह की होती है।

नवजात बच्चे जन्म के समय छोटे, अंधे और लगभग बिना बालों के होते हैं। वे प्रारंभिक अवस्था में पूरी तरह अपनी माँ पर निर्भर रहते हैं। कुछ सप्ताह में वे स्वतंत्र रूप से भोजन करने और चलने-फिरने में सक्षम होने लगते हैं।

चूहों की अपेक्षाकृत तेज प्रजनन क्षमता उनकी कई वातावरणों में सफलतापूर्वक फैलने की एक महत्वपूर्ण विशेषता है।

मनुष्यों के साथ संबंध

कुछ चूहे मनुष्यों के लिए उपयोगी होते हैं, जबकि कुछ परिस्थितियों में वे समस्या भी उत्पन्न कर सकते हैं। जंगली और घरेलू चूहे पारिस्थितिक तंत्र में शिकार और शिकारी दोनों के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

दूसरी ओर, मानव बस्तियों में रहने वाले चूहे खाद्य पदार्थों को दूषित कर सकते हैं और कृषि फसलों तथा भंडारित अनाज को नुकसान पहुँचा सकते हैं। कुछ चूहे रोगजनक सूक्ष्मजीवों के वाहक भी हो सकते हैं।

इसी कारण मनुष्यों ने ऐतिहासिक रूप से चूहों की संख्या नियंत्रित करने के लिए बिल्लियों और विभिन्न प्रकार की कीट नियंत्रण विधियों का उपयोग किया है।

प्रयोगशाला में चूहे

[[दस्तावेज़:PCWmice1.jpg|thumb|250px|प्रयोगशाला में नॉकआउट चूहे]]

चूहे जीवविज्ञान, आनुवंशिकी, चिकित्सा और औषधि विज्ञान के अनुसंधान में सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले मॉडल जीवों में शामिल हैं। विशेष रूप से घरेलू चूहा (Mus musculus) वैज्ञानिक अनुसंधान में व्यापक रूप से प्रयोग किया जाता है।

प्रयोगशाला के चूहों का उपयोग आनुवंशिक कार्यों, रोगों, प्रतिरक्षा तंत्र, तंत्रिका तंत्र, व्यवहार और दवाओं के प्रभाव का अध्ययन करने के लिए किया जाता है।

मनुष्य और चूहों के बीच कई जैविक तथा आनुवंशिक समानताएँ होने के कारण चूहे मानव रोगों के अध्ययन के लिए उपयोगी मॉडल प्रदान करते हैं। इनके छोटे आकार, कम पीढ़ी-अंतराल और प्रयोगशाला में प्रजनन की अपेक्षाकृत सरल प्रक्रिया के कारण वैज्ञानिक अनुसंधान में इनका उपयोग सुविधाजनक है।

आनुवंशिक अभियांत्रिकी के विकास के बाद वैज्ञानिकों ने ऐसे चूहे भी विकसित किए हैं जिनमें विशिष्ट जीन को निष्क्रिय या परिवर्तित किया गया होता है। इन्हें आनुवंशिक रोगों तथा जीन के कार्यों के अध्ययन में उपयोग किया जाता है।

घरेलू चूहा

घरेलू चूहा (Mus musculus) मनुष्यों के साथ रहने के लिए सबसे अधिक अनुकूलित चूहा प्रजातियों में से एक है। यह मूल रूप से यूरेशिया के क्षेत्रों से संबंधित माना जाता है, लेकिन मानव गतिविधियों के कारण अब विश्व के अनेक भागों में पाया जाता है।

यह घरों, गोदामों, खेतों और खाद्य भंडारण स्थलों में उपलब्ध अनाज तथा अन्य खाद्य पदार्थों का उपयोग कर सकता है।

प्रजातियाँ

Mus वंश में कई प्रजातियाँ शामिल हैं। इन्हें विभिन्न उपवंशों में वर्गीकृत किया जाता है।

उपवंश Coelomys

उपवंश Mus

उपवंश Nannomys

इस उपवंश में अफ्रीका में पाई जाने वाली अनेक छोटी चूहा प्रजातियाँ शामिल हैं, जैसे:

उपवंश Pyromys

पारिस्थितिक महत्व

चूहे खाद्य-जाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे बीज और वनस्पति पदार्थों का सेवन करते हैं तथा स्वयं कई मांसाहारी और सर्वाहारी जीवों के लिए भोजन का स्रोत बनते हैं।

कुछ चूहे बीजों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाकर वनस्पतियों के प्रसार में भी योगदान कर सकते हैं। इस प्रकार छोटे आकार के बावजूद वे कई पारिस्थितिक तंत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

यह भी देखें

बाहरी कड़ियाँ

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वर्ग:स्तनधारी वर्ग:कृंतक वर्ग:म्यूरिडी वर्ग:Mus वर्ग:प्रयोगशाला में प्रयुक्त पशु वर्ग:Sciwiki Zoology