गंगा नदी डॉल्फ़िन

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सिंधु नदी डॉल्फ़िन

गंगा नदी डॉल्फ़िन (वैज्ञानिक नाम: Platanista gangetica) मीठे पानी (नदियों) में पाई जाने वाली एक डॉल्फ़िन प्रजाति है। यह मुख्य रूप से बांग्लादेश, भारत, नेपाल और पाकिस्तान में पाई जाती है। इसका निवास मुख्य रूप से गंगा, ब्रह्मपुत्र और उनकी सहायक नदियों में है।

1970 से 1998 तक, गंगा और सिंधु नदी डॉल्फ़िन को दो अलग-अलग प्रजातियों के रूप में माना जाता था, लेकिन 1998 के बाद से इन्हें एक ही प्रजाति की दो अलग-अलग उपप्रजातियों (Subspecies) के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

अन्य नाम

इसे गंगा डॉल्फ़िन, गंगा सुसु (Susu) और सुशुक (Shushuk) के नाम से भी जाना जाता है।

वर्गीकरण (Taxonomy)

1801 में लेबेक (Lebeck) और रॉक्सबर्ग (Roxburgh) नामक शोधकर्ताओं ने गंगा नदी डॉल्फ़िन प्रजाति की पहचान की थी।[1] 1970 तक सिंधु और गंगा नदी की डॉल्फ़िन को एक ही प्रजाति माना जाता था। हालांकि, भौगोलिक रूप से अलग होने, सैकड़ों वर्षों तक इनके बीच संकरण (interbreeding) न होने, और खोपड़ी की संरचना, कशेरुक (vertebrae) व वसा में अंतर के कारण 1970 में इन्हें दो अलग प्रजातियों के रूप में मान्यता दी गई।[2]

1998 में हुए शोध के बाद इन्हें फिर से एक ही प्रजाति की दो उपप्रजातियों के रूप में वर्गीकृत किया गया। इस पर और अधिक स्पष्टता आधुनिक आणविक जीव विज्ञान (Molecular Biology) से मिल सकती है। वर्तमान में इसे 'प्लैटनिस्टा' जीनस के तहत दो उपप्रजातियों में रखा गया है: सिंधु नदी डॉल्फ़िन (Platanista gangetica minor) और गंगा नदी डॉल्फ़िन (Platanista gangetica gangetica)।[3]

शारीरिक संरचना (Anatomy)

गंगा और सिंधु नदी डॉल्फ़िन दोनों की शारीरिक संरचना लगभग एक जैसी होती है। अन्य सभी नदी डॉल्फ़िनों की तरह इनकी थूथन (Snout) लंबी और नुकीली होती है। मुंह बंद होने पर भी इनके ऊपरी और निचले जबड़े के दांत दिखाई देते हैं। कम उम्र में इनके दांत लगभग एक इंच लंबे, पतले और घुमावदार होते हैं, जबकि वयस्कों में ये चपटे और डिस्क जैसे हो जाते हैं।

इन डॉल्फ़िनों की आंखों में लेंस (crystalline lens) नहीं होता, जिसके कारण ये लगभग अंधी होती हैं, हालांकि ये प्रकाश की तीव्रता का पता लगा सकती हैं। ये शिकार और नेविगेशन के लिए पूरी तरह से 'इकोलोकेशन' (Echolocation - ध्वनि तरंगों) पर निर्भर करती हैं।

इनका शरीर भूरे रंग का और बीच से मोटा होता है। पीठ पर पृष्ठीय पंख (Dorsal fin) के स्थान पर एक छोटा त्रिकोणीय उभार होता है। इनके फ्लिपर्स और पूंछ पतले और बड़े होते हैं। इनमें यौन द्विरूपता (Sexual dimorphism) पाई जाती है, जहाँ वयस्क मादाएं नर से बड़ी होती हैं। नर की लंबाई लगभग 2 से 2.2 मीटर और मादा की 2.4 से 2.6 मीटर होती है। अब तक 28 वर्ष की आयु वाले एक नर डॉल्फ़िन की अधिकतम लंबाई 199 सेमी दर्ज की गई है।[4]

गर्भकाल लगभग 9 से 10 महीने का होता है और ये जनवरी से मई के बीच बच्चों को जन्म देती हैं। बच्चे कुछ महीनों तक ही अपनी मां के साथ रहते हैं। इनका मुख्य आहार कार्प, कैटफ़िश और झींगा (prawns) है। ये एकांतप्रिय जीव हैं और बड़े समूह (pods) नहीं बनाते।

मानवीय प्रभाव और खतरे

गंगा नदी डॉल्फ़िन
मकर वाहन पर विराजमान देवी गंगा का चित्र।

भारतीय उपमहाद्वीप में नदियों के अत्यधिक दोहन ने इन दोनों डॉल्फ़िन उपप्रजातियों को गंभीर रूप से प्रभावित किया है:

  • मछली पकड़ने के जाल: अक्सर ये मछुआरों के जाल में फंसकर दम घुटने से मर जाती हैं।
  • अवैध शिकार: तेल और मांस के लिए इनका शिकार किया जाता है, जिसका उपयोग कैटफ़िश पकड़ने के लिए चारे के रूप में होता है।
  • जल स्तर में कमी और प्रदूषण: कृषि के लिए पानी के अत्यधिक उपयोग से नदियों की गहराई कम हो रही है, और औद्योगिक व कृषि प्रदूषण से पानी की गुणवत्ता गिर रही है।
  • बांधों का निर्माण: नदियों पर बने 50 से अधिक बहुउद्देश्यीय बांधों ने इनके आवास को खंडित कर दिया है, जिससे इनकी प्रजनन दर और वृद्धि रुक गई है।

वर्तमान में सिंधु नदी डॉल्फ़िन की केवल तीन उप-आबादियां बची हैं, जिन्हें तत्काल संरक्षण की आवश्यकता है।[5] दोनों उपप्रजातियों को अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) की संकटग्रस्त प्रजातियों की लाल सूची में "संकटग्रस्त" (Endangered) के रूप में शामिल किया गया है।

राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य में भी पानी की गहराई घटने और रेत जमा होने के कारण जल प्रवाह कम हो रहा है, जो इनके लिए एक बड़ा खतरा है।[6]

संदर्भ (References)

  1. ↑ Kinze, C.C., 2000. Rehabilitation of Platanista gangetica (Lebeck, 1801) as the valid scientific name of the Ganges dolphin. Zool. Med. Leiden, 74: 193-203.
  2. ↑ Pilleri, G., Marcuzzi, G. and Pilleri, O., 1982. Speciation in the Platanistoidea, systematic, zoogeographical and ecological observations on recent species. Investigations on Cetacea, 14: 15-46.
  3. ↑ Rice, DW (1998). "Marine mammals of the world: Systematics and distribution". Society for Marine Mammalogy. ISBN 978-1891276033.
  4. ↑ Kasuya, T., 1972. Some information on the growth of the Ganges dolphin with a comment on the Indus dolphin. Sci. Rep. Whales Res. Inst., 24: 87-108.
  5. ↑ Braulik, G.T., 2006. Status assessment of the Indus River dolphin, Platanista gangetica minor, March-April 2001. Biological Conservation, 129: 579-590.
  6. ↑ Singh, L. A. K. and Sharma, R. K. (1985): Gangetic dolphin, Platanista gangetica: Observations on habits and distribution pattern in National Chambal Sanctuary. J. Bombay nat. Hist. Soc., Vol. 82(3), December 1985: 648-653.

बाहरी कड़ियाँ